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आदित्य ठाकरे का तंज, प्रवासी मजदूरों का विश्वास जीतने में नाकाम रही केंद्र

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मंगलवार को पीएम मोदी ने देश वासियों को संबोधित करते हुए एक बार फिर 3 मई तक तालाबंदी बढ़ा दिया है. इसके बाद मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर वहां के प्रवासी मजदूरों की भीड़ अपने-अपने गांवों को जाने के लिए बढ़ने लगी. हालांकि इस भीड़ को पुलिस ने लाठी चार्ज कर तितर-बितर कर दिया है. वहीं इस लाठी चार्ज पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे ने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर दोबारा लॉकडाउन बढ़ाए जाने को लेकर हमला बोला है. आदित्या ठाकरे ने अपने ट्वीट में लिखा है कि केंद्र सरकार इन प्रवासी मजदूरों को काबू करने में नाकाम रही है.

आदित्य ठाकरे ने ट्विटर पर लिखा है कि, बांद्रा स्टेशन पर मजदूरों की भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस की लाठी चार्ज से मामला हल नहीं हो रहा है. सूरत में तो दंगों के जैसे हालात हैं. मजदूर सिर्फ भोजन और आश्रय ही नहीं चाहता है वो अपने घरों को वापस जाना चाहते हैं. यह केंद्र सरकार की विफलता है कि वो प्रवासी श्रमिकों को उनके घर वापस भेज पाने की व्यवस्था कर पाने में असक्षम रही है, बांद्रा स्टेशन पर खड़ी भीड़ इसी का परिणाम है.

पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए भांजी लाठियां

शुरुआत में तो पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की. लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर लोगों को तितर-बितर किया. जानकारी के मुताबिक इस भीड़ में कामगार मजदूर थे. जिनका कहना था कि उनके पास खाने-पीने की कोई सुविधा नहीं.

सोशल मीडिया की अफवाहों से इकट्ठा हुए थे लोग

लोगों को उम्मीद थी कि 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन खत्म हो जाएगा. लेकिन हालतों को देखते हुए लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है. जानकारी के मुताबिक यह भीड़ सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह के कारण इकट्ठा हुई थी.

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