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तेंदुए के बाद अब गुजरात के किसान टिड्डियों के आतंक से परेशान

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अभी कुछ दिनों पहले तक गुजरात के किसान अपने खेत में तेंदुए के हमले से डर की वजह से अपने खेतों में नहीं जाते थे उस दौरान कहा जाता था कि अगर आप गाना गाते हैं तो इसे बंद मत करिए. इसे और ज्‍यादा धार दीजिए और तेज आवाज में गाइए. सीटी बजाइए क्‍योंकि यह आपकी जान बचा सकता है. खासतौर तब जब आप गन्‍ने के खेतों की ओर जा रहे हैं. क्योंकि वन्‍यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि तेज आवाज में गाना गाने या सीटी बजाने से तेंदुए दूर रहते हैं.

लेकिन अब तेंदुए से हटकर गुजरात के किसान टिड्डियों के हमले से परेशान नजर आ रहे हैं. उत्तर गुजरात बनासकांठा जिला के 7 तहसील के 46 से ज्यादा गांव में रहने वाले किसान इन दिनों टिड्डियों की आतंक से परेशान नजर आ रहे हैं. जिला टिड्डी नियंत्रण विभाग और कृषि विभाग की 18 टीमें जिला के वाव, सुईगांव, भाभर, लाखणी, दियोदर, डीसा, थराद तहसील में काम कर रहे हैं. टीम फिलहाल 2325 हेक्टेयर क्षेत्र का सर्व कर करीब 505 हेक्टेयर क्षेत्र में कीटनाशक दवा का छिड़काव कर चुकी है.

लेकिन इन इलाकों में बढ़ते टिड्डियों के आतंक से परेशान किसान हेलीकॉप्टर के जरिये कीटनाशक दवा के छिड़काव की मांग कर रहे हैं ताकि टिड्डी फसलों को ज्यादा नुकशान नहीं पहुंचा सके. वहीं कांग्रेस भी इस मामले को लेकर गुजरात गुजरात सरकार से मांग कर रही है कि जल्द से जल्द किसानों के इस समस्या को सुलझाने के लिए कोशिश करे.