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राजधानी दिल्ली में किसानों का प्रदर्शन, संसद भवन के करीब ट्रैक्टर में लगाई आग

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  • पूरे देश में किसानों का जारी है कृषि बिल को लेकर विरोध
  • हरियाणा-पंजाब के बाद विरोध का दिल्ली में दिखा असर
  • प्रर्दशनकारियों ने संसद भवन के करीब ट्रैक्टर को लगाई आग
  • शिरोमणि अकाली दल ने बताया देश के लिए काला दिन

भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किसानों के भावनाओं को दरकिनार करते हुए विवादास्पद कृषि बिल को मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद किसानों का विरोध तेज हो गया है.

हरियाणा और पंजाब के किसान इस बिल का जमकर बीते कुछ दिनों से विरोध कर रहे हैं. लेकिन अब इसका असर देश की राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिल रही है.

विरोध करने वाले किसानों ने संसद के बिल्कुल पास पहुंचकर इंडिया गेट के करीब ट्रैक्टर में आग लगा दी.

दिल्ली में किसानों का विरोध प्रदर्शन

हांलकि मौके पर मौजूद पुलिस ने भीड़ को इकठ्ठा नहीं होने दिया. लेकिन संसद भवन के बिल्कुल करीब ट्रैक्टर को आग लगने की घटना की वजह हंगामा हो गया.

संसद भवन के आसपास के इलाके को काफी वीआईपी माना जा रहा है. इसलिए वहां पर धारा 144 लागू कर दिया गया है.

जबकि देश में बढ़ते कोरोना वायरस की वजह से लोगों को जमा जगह जमा होने की इजाजत नहीं दी जा रही है.

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शिरोमणि अकाली दल ने बताया देश के लिए काला दिन

लोकसभा में पास होने के बाद से कृषि बिल का शिरोमणि अकाली दल विरोध कर रही है.

अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल कृषि बिलों को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि उन्होंने देश के किसानों की भावनाओं को दरकिनार कर दिया है.

इसलिए देश भर के किसान इस बिल का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम आशा कर रहे थे कि राष्ट्रपति इस बिल को दोबार विचार के लिए संसद भवन को लौटा देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

कल राष्ट्रपति ने लगाई थी मंजूरी की मुहर

संसद के मॉनसून सत्र में लाए गए कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक 2020, कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक-2020 को पहले संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिल चुकी है.

अब इस पर राष्ट्रपति की मुहर भी लग चुकी है. ये तीनों विधेयक कोरोना काल में पांच जून को घोषित तीन अध्यादेशों की जगह लेंगे.

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