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ध्यान रखें, अहमदाबाद में वेंटिलेटर सपोर्ट वाले सिर्फ 16 ICU बेड खाली

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  • अहमदाबाद में बढ़ता जा रहा है दिन प्रतिदिन कोरोना का आंतक
  • कोरोना के बढ़ते आंतक के बीच सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
  • अहमदाबाद में वेंटिलेटर सपोर्ट वाले सिर्फ 16 ICU बेड ही खाली

अहमदाबाद: शहर में प्रवासी मजदूरों के वापसी के बाद एक बार फिर से कोरोना के नए मामलों में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है.

बीते कुछ दिनों से अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर आने वाले लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है. इस बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है.

अहमदाबाद हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन ने कहा है कि शहर में केवल 16 आईसीयू बेड वेंटिलेटर सपोर्ट वाले ही खाली बचे हैं.

इसके साथ ही शहर के निजी अस्पतालों में कुल बेड का केवल 16.7 प्रतिशत खाली है.

वेंटिलेटर सपोर्ट वाले ICU बेड में दिन प्रतिदिन दर्ज की जा रही है कमी

वेंटिलेटर सपोर्ट के साथ आईसीयू बेड की संख्या में दिन प्रतिदिन कमी दर्ज की जा रही है. शहर में कोरोना के बढ़ते आतंक के बीच आने वाली यह जानकारी गंभीर स्थिति की ओर संकेत करती है.

अहमदाबाद नगर निगम द्वारा रखे गए 1,820 बेड में से केवल 304 बेड खाली

अहमदाबाद हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन की वेबसाइट के अनुसार अहमदाबाद नगर निगम ने कोरोना के इलाज के लिए निजी अस्पतालों में 1,820 बेड को आरक्षित रखा था.

जिसमें से सोमवार को आने वाली जानकारी के अनुसार सिर्फ 304 बेड ही खाली बचें हैं.

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चौंकाने वाली बात यह है कि वेंटिलेटर सपोर्ट वाले आईसीयू श्रेणी में केवल 16 खाली बिस्तर है. इन बेड की जरूरत गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए आवश्यक माना जाता है.

वेंटिलेटर सपोर्ट के सिवाय सिर्फ आईसीयू में 55 बेड ही खाली हैं. इसी तरह हाई डिपेंडेंसी यूनिट में केवल 138 बेड खाली हैं. जबकि खाली बेडों की संख्या सिर्फ 95 बची है.

उपरोक्त विवरण में 64 अस्पताल और नर्सिंग होम्स को शामिल किया गया है. जिसमें कोरोना का इलाज किया जा रहा है.


इसके अलावा, अहमदाबाद नगर निगम ने कोरोना पर काबू पाने के लिए बनाए गए दिशा-निर्देशों को लेकर एक वीडियो जारी कर अपील किया है कि शहर के नागरिक नियमों का पालन करें.

अगर नियमों का पालन नहीं किया जाएगा तो कोरोना पर काबू पाना मुमकिन नहीं हैं.

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