Gujarat Exclusive > गुजरात > अहमदाबाद की सड़कों पर एंबुलेंस के सायरन की गूंज, मरीजों को नहीं मिल रहा बेड

अहमदाबाद की सड़कों पर एंबुलेंस के सायरन की गूंज, मरीजों को नहीं मिल रहा बेड

0
354

अहमदाबाद: अहमदाबाद के लिए कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर खतरनाक साबित हो रही है. Ahmedabad Road Ambulance

कोरोना संक्रमण के बढ़ते आतंक की वजह से अहमदाबाद की ज्यादातर कोरोना अस्पताल हाउसफुल हो चुके हैं. अहमदाबाद की सड़कों पर एम्बुलेंस का सायरन 24 घंटे सुनाई देता है.

सिविल अस्पताल सहित कोरोना अस्पतालों में उचित इलाज नहीं मिलने की वजह से कोरोना के मरीज मर रहे हैं. अहमदाबाद के अलावा सूरत और राजकोट जैसे महानगरों में भी स्थिति ऐसी ही है.

24 घंटे सुनाई दे रहा एंबुलेंस के सायरन की गूंज Ahmedabad Road Ambulance

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के बाहर खड़े होकर मरीज के रिश्तेदार ने कहा कि “मेरे परिवार के सदस्य की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. Ahmedabad Road Ambulance

उसके ऑक्सीजन का स्तर लगातार घट रहा है, मुझे किस अस्पताल में बेड मिलेगा और मुझे ऑक्सीजन कैसे मिलेगी?” कोरोना महामारी से परेशान ज्यादातर अस्पतालों के बाहर मौजूद लोगों का यही सवाल है.

कोरोना की वजह से गुजरात में 5 हजार से ज्यादा की मौत Ahmedabad Road Ambulance

पिछले 15 दिनों में अहमदाबाद में 19 हजार से ज्यादा नए सकारात्मक मामले सामने आए हैं. वहीं इस दौरान मरने वालों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज हुई है. Ahmedabad Road Ambulance

दैनिक मामलों में दर्ज की जाने वाली भारी वृद्धि और उसके मुकाबले स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या में दर्ज की जाने वाली कमी की वजह से अस्पताल हाउसफुल हो गए हैं.

जिसकी वजह से कई अस्पतालों के बाहर एंबुलेंस की लाइनें नजर आ रही है. इतना ही नहीं कोरोना की वजह से अब तक गुजरात में 5 हजार मरीजों की मौत दर्ज की जा चुकी है.

70% लोगों को नहीं मिल रहा बेड

अहमदाबाद नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी है. वेंटिलेटर भी कम पड़ रहे हैं. 70% लोगों को व्यवस्था की कमी के कारण बेड नहीं मिल पा रहा है.

अधिकारी ने कहा, “हमें एक शिकायत मिली है जहां एक मरीज को अस्पताल ले जाते समय SpO2 मिला.” Ahmedabad Road Ambulance

जिन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल 90 से नीचे था ऐसे लोगों को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया क्योंकि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी थी ऐसे मरीजों को अन्य अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया.

गुजराती में ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

सूरत कोरोना खौफ: प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू, एक ही दिन में 25 हजार लोगों ने छोड़ा शहर