Gujarat Exclusive > देश-विदेश > चीन से जारी तनाव के बीच राफेल विमानों की पहली खेप ने फ्रांस से भरी उड़ान

चीन से जारी तनाव के बीच राफेल विमानों की पहली खेप ने फ्रांस से भरी उड़ान

0
727
  • लड़ाकू विमान राफेल फ्रांस से भारत के लिए भरी उड़ान
  • बुधवार को अम्बाला में करेंगे लैंड
  • 29 जुलाई को वायुसेना में किया जाएगा शामिल

चीन से जारी तनाव के बीच भारत की ताकत जल्द ही बढ़ जाएगी.  फ्रांस से खरीदी गई राफेल विमानों की पहली खेप फ्रांस से उड़ान भर दी है.

माना जा रहा है कि इन पांच लड़ाकू राफेल विमानों की पहली खेप

बुधवार को हरियाणा के अम्बाला स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर लैंड करेंगी.

इन विमानों को 29 जुलाई को वायुसेना में शामिल किया जाएगा.

10 घंटे की दूरी तय करने के बाद सयुंक्त अरब अमीरात में करेंगे लैंड

मिल रही जानकारी के अनुसार फ्रांस से उड़ान भरने वाले ये लड़ाकू विमान 10 घंटे की दूरी तय करने के बाद

सयुंक्त अरब अमीरात में फ्रांस के एयरबेस अल धफरा एयरबेस पर लैंड करेगा.

इस दौरान हवा में ईंधन भरने के लिए 2 अन्य विमान भी साथ में उड़ान भरेंगे.

इन लड़ाकू विमानों भारतीय वायुसेना के वहीं पायलट उड़ा रहे हैं जिन्होंने बीते दिनों फ्रांस जाकर इसकी ट्रेनिंग ली थी.

यह भी पढ़ें: हरियाणा में मौजूद नेहरू-गांधी परिवार के संपत्तियों की होगी जांच

चीन से जारी तनाव के बीच बढ़ेगी ताकत 

चीन से जारी सीमा विवाद के बीच फ्रांस से उड़ाने भरने वाले लड़ाकू विमान राफेल को

एक हफ्ते के भीतर लद्दाख में तैनात करने की उम्मीद जताई जा रही है.

जानकारी ऐसी भी मिल रही है कि हरियाणा के अम्बाला स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर लैंड

करने के बाद इन विमानों को अलग-अलग तरीके की घातक मिसाइलों से लैस किया जाएगा.

राफेल को लेकर विवाद

फ्रांस से खरीदे गए लड़ाकू विमान राफेल को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर घोटाले का आरोप लगाया था.

कांग्रेस ने दावा किया था कि बिजनेसमैन अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के मकसद को लेकर ही उन्हे दसॉल्ट एविएशन का ऑफसेट ठेका दिया गया था.

केंद्र कांग्रेस के इन आरोपों को खारिज कर दिया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं को खारिज कर मोदी सरकार को बड़ी राहत दी थी.

गुजराती में ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

राजस्थान विधानसभा स्पीकर ने वापस ली सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका