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कोरोना संकट के बीच सरकार ने अमरनाथ यात्रा रद्द करने का फैसला लिया वापस

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देश में जारी कोरोना संकट के बीच सरकार ने अमरनाथ यात्रा को रद्द करने के अपने फैसले को वापस ले लिया है. जम्मू-कश्मीर सूचना निदेशालय ने उस प्रेस नोट को वापस ले लिया है, जिसमें उन्होंने अमरनाथ यात्रा 2020 के रद्द होने की जानकारी दी थी. इससे पहले जानकारी आई थी कि कोरोना महामारी के कारण इस साल होने वाली अमरनाथ यात्रा को रद्द कर दिया गया है, लेकिन अब सरकार ने फैसले को वापस ले लिया है. यात्रा 23 जून से शुरू होनी है.

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के एलजी और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में हुई बैठक में यात्रा को रद्द करने का फैसला लिया गया था. बताया गया कि पूरी कश्मीर घाटी में जहां-जहां से होकर अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालु गुजरते हैं वहां 77 कोरोना रेड जोन हैं. इसकी वजह से लंगरों की स्थापना, मेडिकल सुविधाएं, कैंप लगाना, सामानों की आवाजाही, रास्ते पर पड़े बर्फ को हटाना संभव नहीं है.

एलजी जीसी मुर्मू ने कहा कि हालांकि सरकार लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है, लेकिन अभी तक ये तय नहीं है कि कोरोना वायरस की वजह से देश में सारी गतिविधियां कबतक बंद रहेंगी. उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

मौजूदा हालात के मद्देनजर बोर्ड ने एकमत से फैसला लिया था कि साल 2020 में अमरनाथ यात्रा कराना संभव नहीं होगा. हालांकि बोर्ड ने यह भी तय किया है कि बाबा बर्फानी की प्रथम पूजा और समापन पूजा पारंपरिक हर्ष और उल्लास के साथ की जाएगी.

बोर्ड की मीटिंग में यह भी तय किया गया कि बोर्ड इस संभावना की भी तलाश करेगा कि पूजा और शिवलिंग दर्शन को दुनिया भर में फैले बाबा के भक्तों तक ऑनलाइन पहुंचाया जाए. अमरनाथ यात्रा हर साल जून के महीने में शुरू होती है और करीब 2 महीने तक लाखों की तादाद में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं.

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