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अहमदाबाद की एक कंपनी ने किया कोरोना का टीका बनाने का ऐलान, शेयर उछले

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दुनिया में कोरोना वायरस ने आतंक बना रखा है. लगातार संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है और इसके कारण इस खतरनाक वायरस के टिके को लेकर बेकरारी बढ़ती जा रही है. कोरोना से मुकाबले के लिए अब टीका बनाने का प्रयास युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है. इस बीच भारत में सीरम इंस्टीट्यूट के बाद अब हेस्टर बायोसाइंसेज ने भी कोरोना का टीका बनाने का ऐलान किया है. इस ऐलान के बाद कंपनी के शेयर 20 फीसदी उछल गए.

खबरों के मुताबिक, अहमदाबाद की दवा कंपनी हेस्टर बायोसाइंसेज ने बुधवार को कहा कि वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी (IITG) के साथ मिलकर कोरोना का टीका विकसित करेगी. हेस्टर ने ऐलान किया कि उसने आईआईटी के साथ 15 अप्रैल 2020 को ही एक समझौता किया है. कंपनी ने कहा है कि यह टीका पुनः संयोजक एवियन पैरामाइक्सोवायरस वेक्टर प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, हेस्टर बायोसाइंसेस के सीईओ और एमडी आर गांधी ने कहा, “आईआईटी गुवाहाटी और हेस्टर दोनों मिलकर कोविड​​-19 को खत्म करने के लिए एक वैक्सीन को विकसित करने और इसे बनाने में एक दूसरे को सहयोग करेंगे. हेस्टर की भागीदारी मास्टर सीड के विकास से लेकर कॉमर्शियल रूप में वैक्सीन जारी करने तक होगी.

बयान के मुताबिक रीकॉम्बिनेंट एवियन पैरामिक्सोवायरस-1 का उपयोग ‘सार्स-कोव-2 के एक इम्यूनॉजिक (शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को जगाने वाले) प्रोटीन के तौर पर किया जाएगा. बाद में इसका उपयोग आगे के अध्ययन के लिए किया जा सकता है. इस टीके की क्षमता के बारे में आईआईटी गुवाहाटी के जैवशास्त्र और जैवप्रौद्योगिकी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर सचिन कुमार ने कहा कि इस पर कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. वह रिसर्च टीम के प्रमुख होंगे.

मालूम हो कि इसके पहले पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ने दावा किया था कि वह सितंबर-अक्टूबर तक कोरोना का टीका लेकर आएगी जिसकी कीमत करीब 1000 रुपये होगी. भारत के अलावा ब्रिटेन और जर्मनी में भी टीका को लेकर मानव परीक्षण शुरू हो गया है.

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