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केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में अनशन पर बैठेंगे अन्ना हजारे

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दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसानों के प्रदर्शन के बीच अब समाजसेवी अन्ना हजारे (Anna Hazare) एकबार फिर अनशन पर बैठने जा रहे हैं. इस बार अन्ना हजारे केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए अनशन पर बैठेंगे.

समाजसेवी अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने कहा है कि जिस वादे को लिखित तौर पर उन्हें केंद्र की तरफ से किया गया था, उसे पूरा नहीं किया गया है.

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दरअसल इससे पहले जब अन्ना (Anna Hazare) दिल्ली में अनशन पर बैठे थे तब केंद्रीय कृषि मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में उनको कुछ लिखित वादे किए गए थे जिसके बाद अन्ना ने अपना अनशन तोड़ा था. अब अन्ना ने कहा है कि सरकार ने अपने किए वादे पूरे नहीं किए हैं.

अनशन से पुराना नाता

अन्ना हजारे (Anna Hazare) का अनशन से पुराना नाता है. वह कई मौकों पर सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर चुके हैं और अनशन पर बैठ चुके हैं. लोकपाल आंदोलन कर के यूपीए सरकार के ताबूत में आखिरी कील गाड़ने वाले और यूपीए की चुनाव में हार का बड़ा कारण रहे अन्ना हजारे ने मौजूदा बीजेपी की केंद्र सरकार के खिलाफ एक बार फिर अनशन की तैयारी कर ली है. अन्ना हजारे (Anna Hazare) का कहना है कि यह उनके जिंदगी का आखिरी अनशन होगा.

23 दिनों से किसानों का प्रदर्शन

बता दें कि मोदी सरकार द्वारा लागू तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. किसान दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर कृषि कानून को रद्द करने की मांग पर डटे हुए हैं. मोदी सरकार लगातार किसानों से बातचीत कर कोई बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है. बीते दिनों सरकार ने किसानों को मसौदा प्रस्ताव भेजा था जिसे किसानों ने ठुकरा कर आंदोलन को तेज करने का फैसला किया था. इस बीच एक बार फिर से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने किसानों से बातचीत करने की तैयारी दिखाई है.

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत करने के लिए दो दिन पहले कृषि मंत्रालय की ओर से किसान संगठनों को पत्र भेजा गया था. तोमर ने कहा कि सरकार खुले मन से किसानों के साथ बातचीत करना चाहती है. किसानों को तारीख तय कर सरकार के पास आना चाहिए हम बातचीत करने को अब भी तैयार है. उन्होंने कहा कि उम्मीद करते हैं किसान भाई हमारे सरकार की मंशा को समझेंगे.

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