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आर्मी चीफ नरवणे जाएंगे नेपाल, सेना के जनरल का मानद दर्जा देगा पड़ोसी देश

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भारतीय सेना के चीफ (Army Chief) जनरल मनोज मुकुंद नरवणे अगले महीने नेपाल के दौरे पर जाएंगे जहां उन्हें नेपाली सेना के मानद जनरल का दर्जा दिया जाएगा. नेपाली सेना के प्रवक्ता ने बताया कि आर्मी चीफ (Army Chief) जनरल नरवणे इस साल नवंबर में नेपाल का दौरा करने वाले हैं. हालांकि, दोनों देशों के बीच ऐसी परंपरा रही है. नेपाली आर्मी के प्रमुख को भी इंडियन आर्मी के जनरल का मानद दर्जा दिया जाता है.

नेपाल आर्मी ने बुधवार को इस बारे में कहा कि उनके दौरे को नेपाल सरकार से 3 फरवरी को ही मंजूरी मिल गई थी, लेकिन दोनों देशों में लॉकडाउन की वजह से यह टल गया था.

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70 साल पुरानी परंपरा

नेपाल आर्मी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर संतोष पौडेल ने कहा,

‘‘दोनों पक्ष दौरे की तारीख तय करने के लिए संपर्क में हैं. इस दौरान नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी जनरल नरवणे को नेपाल आर्मी के ऑनरेरी जनरल का रैंक सौंपेंगी. यह 1950 से चली आ रही 70 साल पुरानी परंपरा है इसके तहत दोनों देश एक दूसरे के सैन्य प्रमुखों को ऑनरेरी रैंक सौंपते हैं.”

भारत-नेपाल में तनाव

नेपाल और भारत के बीच इस साल मई से ही तनाव है. मैप विवाद, सीमा पर फायरिंग और चीन के साथ नेपाल झुकाव ने दोनों देशों के रिश्तों में खटास पैदा करने का काम किया था. जनरल नरवणे (Army Chief) ने मई में कहा था कि नेपाल किसी दूसरे देश की शह पर सीमा विवाद का मुद्दा उठा रहा है. लिपुलेख से मानसरोवर के बीच बनाई गई भारतीय सड़क पर सवाल खड़े कर रहा है. उन्होंने चीन का नाम नहीं लिया था, लेकिन नेपाल ने उनके इस बयान पर नाराजगी जाहिर की थी. नेपाल के रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल ने जनरल नरवणे (Army Chief)  के इस बयान को अपमानजनक बताया था.

रिश्ते सुधारने की कोशिश

हालांकि नेपाल ने भारत के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश की है. अगस्त में नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया था. ओली ने मोदी और भारत की जनता को 74वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी थी.

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