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‘विश्व साइकल दिवस’ के दिन बंद हुई एटलस साइकल की सबसे बड़ी फैक्ट्री

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आज विश्व साइकल दिवस है लेकिन देश जारी में कोरोना संकट के बीच एक निराशाजनक खबर सामने आई है. खबर है कि देश की सबसे बड़ी साइकल बनाने वाली कंपनी एटलस ने अपनी गाजियाबाद के साहिबाबाद में स्थित सबसे बड़ी फ़ैक्ट्री को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है. कंपनी की ओर से यहां के वर्कर्स को एक नोटिस दिया गया है. इस नोटिस में कारखाने के प्रबंधक ने कहा है कि मालिकों के पास कारखाना चलाने के लिए रकम नहीं है, इसलिए वर्कर्स बैठकी कर लें. कंपनी के इस फैसले से सैकड़ों कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं.

बुधवार को सुबह जब मज़दूर काम करने पहुंचे तो उन्होंने कंपनी के बाहर एक नोटिस लगा पाया जिसमें लिखा था कि कंपनी के पास फ़ैक्ट्री चलाने का पैसा नहीं है.  फैक्ट्री के करीब 1000 से ज़्यादा श्रमिकों को ले ऑफ़ किया गया है. साहिबाबाद की एटलस की यह फ़ैक्ट्री 1989 से चल रही है.

एटलस साइकिल ने साहिबाबाद की फ़ैक्ट्री में लॉकडाउन से पहले हर महीने दो लाख साइकिलें बनाई जा रही थीं. अब हालत यह है कि फैक्ट्री के मजदूरों और कर्मचारियों को मई माह का वेतन भी नहीं दिया गया है. कारखाने के नोटिस में कहा गया है कि कंपनी पिछले कई वर्षों से भारी आर्थिक संकट से गुजर रही है. कंपनी ने सभी उपलब्ध फंड खर्च कर दिए हैं. अब स्थिति यह है कि कंपनी के पास कोई भी आय के श्रोत नहीं बचे हैं.

एटलस देश का मशहूर साइकल ब्रांड है लेकिन कोरोना संकट का शिकार उसे भी होना पड़ा है. मालूम हो कि देश में कोरोना महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियां चरमरा गई हैं. कई कंपनियां बंद हो रही हैं जबकि कई बड़ी कंपनियों से लोगों को निकाला जा रहा है. ऐसे में ‘विश्व साइकल दिवस’ पर जहां लोग साइकल चलाने को प्रमोट कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस कंपनी में ताला लगा दिया गया है.

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