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सीएम नीतीश के उद्घाटन से ठीक पहले टूटा बंगरा घाट पुल का अप्रोच

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  • तेजस्वी ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
  • गोपालगंज के पुल का आज हुआ उद्घाटन
  • जिले में लगातार दूसरे महीने टूटा पुल

 बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को गोपालगंज के बंगरा घाट पुल का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया. यह उद्घाटन सुबह 11:30 बजे होना था लेकिन इससे पहले ही मंगलवार रात करीब 12:30 पुल की एप्रोच रोड बाढ़ के पानी में बह गई.

करीब 50 मीटर सड़क टूटी, जिसे आनन-फानन में ठीक किया गया. इसके बाद बंगरा घाट पुल की उद्घाटन से करीब 30 मिनट पहले मरम्मत पूरी हुई.

सीएम नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस पुल का उद्धाटन किया था.

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वहीं इसको लेकर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा.

भ्रष्टाचार की पोल खुली

तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए कहा, “नीतीश कुमार ने वर्षों से 509 करोड़ की लागत से बन रहे बंगरा घाट पुल का अभी आनन-फानन में उद्घाटन कर दिया लेकिन पुल की अप्रोच पथ टूटी हुई है. टूटे हुए पुलों, पथों और बांधों के उद्घाटन की इन्हें इतनी जल्दी क्यों है? उद्घाटन से पहले ही पथ टूटना इनके काले भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है?”

 

इसके साथ ही आरजेडी नेता ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा, “वीडियो में देखिए. पटना में बैठकर 509 करोड़ की लागत के जिस पुल का अभी नीतीश कुमार जी उद्घाटन कर रहे है उसका पहुंच पथ वास्तविक लोकेशन पर धंस रहा है. अब इससे ज़्यादा भ्रष्टाचार का बड़ा सबूत क्या होगा? कोई पुल उद्घाटन के दिन, कोई उद्घाटन के पहले और कोई उद्घाटन के 29 दिन बाद टूट जाता है.’’

तेजस्वी यादव ने एक के बाद एक कई ट्वीट करके प्रदेश सरकार पर आरोप लगाए.
अपने एक और ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘’इसे त्रासदी कहे या विडंबना. 509 करोड़ के इसी जर्जर पथ सह पुल का आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उद्घाटन किया है. करोड़ों बिहारवासियों को इतिहास के बासी पन्नों में उलझा उनका वर्तमान और भविष्य ख़राब कर चुके नैतिक, सामाजिक और आर्थिक भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह इस पर कुछ नहीं बोलेंगे.’’

जुलाई में टूटा था सत्तरघाट पुल

मालूम हो कि इससे पहले जुलाई में गोपालगंज में गंडक नदी पर बना सत्तरघाट पुल उद्घाटन के एक महीने बाद टूट गया था.
इस पुल की लागत 264 करोड़ रुपये थी और ये आठ साल में बनकर तैयार हुआ था.

वह पुल गंडक की सहायक नदी सोती पर बनाया गया था.
16 जून को इसका उद्घाटन किया गया था. कंपनी वशिष्ठा ने यह पुल बनाया था.

बिहार सरकार ने दावा किया था कि गंडक नदी पर बना सत्तर घाट पुल नहीं टूटा है.
गंडक नदी में पानी का दबाव गोपालगंज की ओर ज्यादा है.
इस कारण पुल के एप्रोच रोड का हिस्सा कट गया था.

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