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गृह मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई, तब्लीगी जमात में शामिल 960 विदेशियों को किया ब्लैकलिस्ट, वीजा भी रद्द

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दिल्ली के निजामुद्दीन में मरकज में पकड़े गए हजारों विदेशियों पर गृह मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई की है. गृह मंत्रालय तब्लीगी जमात में शामिल लोगों को लेकर काफी सख्त कदम उठाया है. मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तब्लीगी जमात गतिविधियों में शामिल पाए गए 960 विदेशियों को ब्लैकलिस्ट में डाल दिया गया है. साथ ही उनका वीजा भी रद्द कर दिया गया है.

गृह मंत्रालय ने निजामुद्दीन के तब्लीगी जमात मामले में दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित राज्यों के डीजीपी को जरूरी निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि तब्गीली जमात में शामिल 960 विदेशियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है. साथ ही तब्लीगी से संबंधित गतिविधियों में शामिल पाए जाने के बाद उनके पर्यटक वीजा रद्द कर दिए गए हैं.

मालूम हो कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए देश भर में तबलीगी जमात के सदस्यों और उनके संपर्क में आए करीब 9000 लोगों को अब तक क्वेरेंटीन रखा गया है. यह जानकारी गुरुवार को गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी. केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि दिल्ली में तब्लीगी जमात के ऐसे करीब 2000 सदस्यों में से 1804 को पृथक (क्वारंटीन) केंद्रों में भेज दिया गया है, जबकि लक्षण वाले 334 सदस्यों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के परिप्रेक्ष्य में तबलीगी जमात के सदस्यों की पहचान के लिए राज्यों के साथ गृह मंत्रालय के पुरजोर प्रयासों के कारण यह संभव हो सका. उन्होंने बताया कि दिल्ली में ऐसे लोगों में 250 विदेशी हैं. श्रीवास्तव ने बताया कि गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों के साथ मिलकर पुरजोर प्रयास किया और तब्लीगी जमात के सदस्यों और उनके संपर्क में आए करीब 9000 लोगों की पहचान कर उन्हें पृथक किया. इनमें से 1306 लोग विदेशी हैं.

उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय देश में जारी बंद पर नजर रख रहा है और गृह सचिव (अजय भल्ला) ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर कहा है कि लॉकडाउन का पूर्णत: पालन किया जाना चाहिए. श्रीवास्तव ने कहा कि आपदा के समय सही सूचना दिए जाने की सख्त जरूरत है और फर्जी सूचना या अफवाह से भय का माहौल पैदा हो सकता है इसलिए गृह सचिव ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अपने समकक्ष से आग्रह किया था कि एक वेबपोर्टल बनाया जाए जहां लोग कोविड-19 के बारे में सही स्थिति, खबर की पुष्टि कर सकें. उन्होंने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने महानिदेशक स्तर के अधिकारी की देखरेख में एक विशेष इकाई का गठन किया है जहां लोग मेल भेजकर अपने संदेह दूर कर सकते हैं और खबरों की पुष्टि कर सकते हैं.

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