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बिहार विधानसभा चुनाव को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, रोक वाली याचिका खारिज

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  • बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
  • बाढ़ और कोरोना चुनाव को स्थगित करने का आधार बिल्कुल भी नहीं हो सकता
  • रोक लगाने वाली याचिका कोर्ट खारिज करते हुए कहा प्रीमैच्योर याचिका पर आगे नहीं हो सकती सुनवाई

कोरोना संकट के बीच साल के आखिरी में संभावित बिहार विधानसभा के चुनावों को स्थगित करने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने आज खारिज कर दिया.

कोर्ट ने कहा कि कोरोना वायरस और बाढ़ की वजह से बिहार में विधानसभा चुनाव को रोका नहीं जा सकता.

कोरोना के चलते चुनाव को स्थगित करने के मामले को लेकर दाखिल की गई याचिका को कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट चुनाव आयोग की शक्तियों में दखलअंदाजी नहीं कर सकता.

रोक वाली याचिका को कोर्ट ने बताया प्रीमैच्योर याचिका

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि कोरोना चुनाव को स्थगित करने का आधार बिल्कुल नहीं हो सकता.

खासतौर से उस वक्त जब चुनाव की घोषणा करने वाली अधिसूचना भी अभी तक चुनाव आयोग की ओर से जारी नहीं की गई है.

यह अनुच्छेद 32 के तहत एक गलत याचिका है. इसलिए हम इस याचिका पर विचार नहीं कर सकते.

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कोरोना की वजह से चुनाव स्थगित नहीं किया जा सकता वह भी ऐसे वक्त पर जब…

बिहार विधानसभा चुनाव को फिलहाल के लिए रद्द करने की मांग वाली याचिकाकर्ता अविननाश ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग किया था कि कोर्ट बिहार विधानसभा चुनाव पर कोरोना की वजह से रोक लगाने की मांग किया था.

कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ‘यह एक प्रीमैच्योर याचिका है. इसलिए कोर्ट आगे इस याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकती.

गौरतलब है कि बीते दिनों राष्ट्रीय जनता दल ने चुनाव टालने की अपनी मांग को दोहराते हुए कहा था कि अगर कोरोना के बीच चुनाव कराए जाते हैं तो हर वोटर का बीमा होना चाहिए.

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एमआर शाह ने कहा कि चुनाव आयोग सभी आवश्यक सावधानी बरतेंगे और हर चीज पर विचार करेंगे.

आपको (याचिकाकर्ता) क्यों लगता है कि वे इन बातों पर विचार नहीं करेंगे? कोर्ट ने कहा बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने अभीतक नोटिफिकेशन भी जारी नहीं किया है.

इसलिए अभी इस याचिका पर सुनवाई के कोई औचित्य नहीं है.

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