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बिलकिस बानो गैंगरेप केस के 11 आरोपी रिहा, जानिए गुजरात सरकार की किस नीति का मिला फायदा

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पंचमहल: बिलकिस बानो गैंगरेप और हत्याकांड मामले में 11 आरोपियों को जेल से रिहा कर दिया गया है. सीबीआई की विशेष अदालत ने इन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. 18 साल जेल की सजा काटने के बाद इन कैदियों ने सजा में छूट के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात राज्य सरकार को कैदियों को रिहा करने का निर्णय लेने के लिए कहा था. गुजरात सरकार की क्षमा नीति के तहत इन सभी आरोपियों की रिहाई को मंजूरी दे दी गई.

इन सभी 11 कैदियों को कल गोधरा सबजेल से रिहा किया गया था. उल्लेखनीय है कि गोधरा कांड के बाद सांप्रदायिक दंगा के दौरान दाहोद के रणधीकपुर बिलकिस बानो के परिवार पर हमला हुआ था. बिलकिस बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उनके परिवार के लोगों की हत्या व दंगा करने के अपराध में 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था. सीबीआई की विशेष अदालत ने इन तमाम आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. सजा काटने के बाद कल 11 आरोपियों को गोधरा सबजेल से रिहा कर दिया गया है.

2002 में गुजरात में गोधरा कांड के बाद बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था. इस मामले में 11 लोगों को दोषी पाया गया था. इन सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. ये सभी दोषी गोधरा जेल में बंद थे. गुजरात सरकार की क्षमा नीति के तहत इन सभी आरोपियों की रिहाई की इजाजत दी गई है. सामूहिक दुष्कर्म के सभी 11 दोषियों को मंजूरी के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है.

गुजरात सरकार पर लगा चुकीं हैं आरोप

गुजरात में होने वाले 2002 सांप्रदायित दंगों के दौरान सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई बिलकिस बनो ने गुजरात सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के नाम पर सिर्फ बात कर रही है. बिलकिस बानो की ओर से शोभा गुप्ता द्वारा दायर याचिका में कहा कि राज्य सरकार ने मकान के नाम पर केवल 50 वर्ग मीटर जगह आवंटित की है. जहां तक ​​नौकरियों का सवाल है, सरकार ने सिंचाई विभाग में संविदा पर चपरासी की नौकरी दिया है.

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