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दिल्ली में करारी शिकस्त के बाद BJP का फैसला, बड़बोले नेताओं पर कसा जाएगा नकेल, गिरिराज बने पहले निशाना

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दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामने करने के बाद बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने हार के पीछे की मुख्य वजह बीजेपी नेताओं के बेतुका बयानबाजी को बताया, अनुराग ठाकुर का ‘देश के गद्दारों’ वाला नारा, प्रवेश वर्मा का शाहीन बाग पर बयान, केजरीवाल को आतंकवादी,चुनावी का पाकिस्तान से कनेक्शन वगैरह. दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी नेताओं में होड़ लगी थी कि कौन सबसे ज्यादा आग उगल सकता है. नतीजा ये हुआ कि सत्ता की वापसी का सपना देखने वाली बीजेपी को सिर्फ 8 सीटों पर संतोष मानना पड़ा. जिसके बाद अब पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए बड़बोले और बयानवीर नेताओं पर नकेल कसने का फैसला किया है इसका पहना निशाना बने हैं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जिनको पिछले दिनों पार्टी मुख्यालय पर तलब कर आगे से विवादित बयानों से बचने की नसीहत दी, इससे पार्टी सूत्रों की इस बात को बल मिलता दिख रहा है कि बयानवीरों के लिए खास रणनीति बनाई गई है.

भाजपा का मानना है कि बिहार की जनता भावुक है. किसी जाति या धर्म को लेकर एक भी विवादित टिप्पणी बने-बनाए माहौल को बिगाड़ सकती है. ऐसे में पार्टी यहां नीतीश सरकार के काम और विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ना चाहती है. इसी दिशा में सबसे तीखी बयानबाजी के लिए चर्चित गिरिराज सिंह को बुलाकर जेपी नड्डा ने संयमित होकर बोलने की सलाह दी है. सूत्रों के मुताबिक, गिरिराज सिंह से नड्डा ने कहा कि वे ऐसा कोई बयान न दें, जिससे पार्टी को आलोचनाओं का सामना करना पड़े. सामने बिहार चुनाव होने के कारण गठबंधन सहयोगियों पर भी किसी तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है. भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष नड्डा विवादित बयान देने वाले अन्य नेताओं के साथ भी बैठक कर उन्हें गलतबयानों से बचने की नसीहत देंगे.

गौरतलब हो कि विवादित बयान से अपनी सियासी रोटी सेंकने वाले गिरिराज सिंह ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के देवबंद को ‘आतंकवाद की गंगोत्री’ बताया था. उन्होंने कहा था, ‘देवबंद आतंकवाद की गंगोत्री है, जहां से मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद जैसे लोग निकलते हैं.’ गिरिराज सिंह सीएए के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने सहारनपुर आए थे. उन्होंने ने सीएए विरोधी आंदोलन को देश विरोधी आंदोलन करार दिया था. केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर विवाद भी खड़ा हो गया था.