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बजट 2020: क्या है ‘हलवा रस्म’ की परंपरा?, आईये जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां  

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मोदी सरकार 1 फरवरी को 2020 का अपना बजट पेश करेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट पेश करेंगी. बता दें कि बजट पेश करने से पहले कई परंपराओं का पालन किया जाता है. उसी परंपरा में से एक है हलवा की रस्म. 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट की छपाई शुरू हो गई है और इसी मौके पर नई दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय में हलवा सेरेमनी का कार्यक्रम हुआ. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2020-21 से संबंधित दस्तावेजों की छपाई की शुरू होने के उपल्क्ष्य में ‘हलवा रस्म’ में हिस्सा लिया.

क्यों होती है हलवा रस्म

हमारे यहां परंपरा है कि कोई भी शुभ काम करने से पहले मीठे से इसकी शुरुआत की जानी चाहिए. यही वजह से बजट को शुरू करने से पहले हलवा रस्म की शुरुआत की गई और अब यह एक परंपरा बन चुकी है. परंपरा के अनुसार एक बड़ी कढ़ाई में हलवा को तैयार किया जाता है. रस्म के तहत वित्त मंत्री के द्वारा हलवा और अन्य मिठाइयां मंत्रालय के अधिकारियों और अन्य स्टॉफ को परोसा जाता है. इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में जहां बजट की छपाई और अन्य काम होता है वहां पर बजट को तैयार करने में शामिल कर्मचारी कैद रहते हैं. दरअसल, हलवा रस्म के बाद बजट को तैयार करने के लिए कर्मचारियों को मंत्रालय में ही रहना पड़ता है और उन्हें बजट पेश होने तक अपने परिवार से दूर रहना पड़ता है.

कर्मचारियों पर लगाई जाती है पाबंदी

बजट को तैयार करने के दौरान कर्मचारी ईमेल, मोबाइल फोन और अन्य किसी भी संचार माध्यम के जरिए परिवार से संपर्क नहीं कर सकते हैं. उन्हें इसके लिए अनुमति नहीं होती है. उस प्रक्रिया के दौरान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को ही घर जाने की अनुमति रहती है.

अभी भी जारी है हलवा बनाने की परंपरा

बजट के दस्तावेजों की प्रिटिंग से पहले हलवा बनाने की प्रक्रिया शुरू होती है. परंपरा के अनुसार हलवा बनाने वाली कढ़ाई में वित्त मंत्री से घी डलवाया जाता है. वित्त मंत्री द्वारा कढ़ाई में हलवा बनाने की शुरुआत की जाती है. परंपरा के मुताबिक वित्त मंत्री के द्वारा मौजूद कर्मचारियों को हलवा परोसा जाता है.