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बजट सत्र: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने CAA को बताया ऐतिहासिक, विपक्ष ने किया हंगामा

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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जहां पूरे देश में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है, केंद्र की बीजेपी सरकार इस कानून का विरोध करने वाले लोगों को आड़े हाथों ले रही है वहीं अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों को नसीहत देते हुए दिख रहे हैं. बजट सत्र के शुभारंभ के मौके पर आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि मेरी सरकार का स्पष्ट मत है कि पारस्परिक चर्चा-परिचर्चा तथा वाद-विवाद लोकतंत्र को और सशक्त बनाते हैं, वहीं विरोध के नाम पर किसी भी तरह की हिंसा, समाज और देश को कमजोर करती है.

राष्ट्रपति बोले, ‘सरकार द्वारा पिछले पांच वर्षों में जमीनी स्तर पर किए गए सुधारों का ही परिणाम है कि अनेक क्षेत्रों में भारत की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अभूतपूर्व सुधार आया है.’ राष्ट्रपति बोले, पांच दशकों से चली आ रही बोडो समस्या को समाप्त करने के लिए केंद्र और असम सरकार ने हाल ही में बोडो संगठनों के साथ ऐतिहासिक समझौता किया है. इस समझौते से, ऐसी जटिल समस्या, जिसमें 4 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई, उसका समाधान निकला है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, मेरी सरकार के विशेष आग्रह पर सउदी अरब ने हज कोटा में अभूतपूर्व वृद्धि की थी जिससे इस बार रिकार्ड 2 लाख भारतीय मुस्लिमों ने हज में इबादत की. भारत पहला ऐसा देश है जिसमें हज की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और ऑनलाइन की जा चुकी है.

अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति कोविंद ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का जिक्र किया. उन्होंने CAA को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे पीड़ित शरणार्थियों को उनका हक मिल सकेगा. राष्‍ट्रपति ने जब नागरिकता संशोधन कानून का जिक्र किया, तब विपक्षी दलों के सदस्‍यों ने जमकर हंगामा किया.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, विभाजन के बाद बने माहौल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था- ‘पाकिस्तान के हिंदू और सिख, जो वहां नहीं रहना चाहते, वे भारत आ सकते हैं. उन्हें सामान्य जीवन मुहैया कराना भारत सरकार का कर्तव्य है.’ राष्ट्रपति ने यह भी कहा, विरोध के नाम पर हिंसा देश को कमजोर करती है. उन्‍होंने यह भी कहा, मुझे प्रसन्नता है कि संसद के दोनों सदनों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून बनाकर बापू की इच्छा को सम्मान दिया गया