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नौकरशाही: द्वारका मंदिर में लॉकडाउन को धता बताकर कलेक्टर ने कराया कर्मकांड

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गांधीनगर: कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुका है. गुजरात में कोरोना वायरस के 30 पॉजिटिव मामले दर्ज किये जा चुके हैं. कोरोना वायरस को लेकर गुजरात सरकार एहतियाततन कई जिलों की तालाबंदी कर दी है. इतना ही नहीं लोगों से अपील की जा रही है कि वह खुद सार्वजनिक कर्फ्यू में हिस्सा लें और ज्यादा से ज्यादा अपने घरों में वक्त गुजारें. इसी बीच देवभूमि द्वारका से खबर आ रही है कि वहां के कलेक्टर नरेंद्र कुमार मीणा ने सरकार आदेश का उल्लंघन करते हुए अपने परिवार के साथ द्वारकाधीश मंदिर गए और 21 मार्च 2020 को पूजा-अर्चना की.

देवभूमि द्वारका के कलेक्टर नरेंद्र कुमार मीणा ने दो दिन पहले धारा 144 लागू की थी और यह भी उल्लेख किया था कि कोरोना वायरस के मद्देनजर राज्य के जिलों में सीआरपीसी लागू किया गया है. जिसमें चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है. उल्लेखनीय है कि गुजरात सरकार ने भी द्वारका, सोमनाथा सहित राज्य के प्रमुख धर्म स्थलों को कर्म-क्रिया कलापों को रोकने एंव बाहर से आने वाले दर्शानिर्थियों के लिए निषेध कर दिया था. ऐसे हालात में देवभूमि द्वारका कलेक्टर नरेंद्र कुमार मीणा खुद तमाम ताम-झाम के साथ मंदिर में प्रवेश किया और परिवार के साथ पूजा विधि की. जिसका एक वीडियो वायरल हुआ. वायरल वीडियो से सामान्य जन में कोरोना के प्रति जवाबदेही और जागरुकता की जगह लापरवाही और हल्केपन ने जगह ले ली.

सार्वजनिक नियमों की धज्जिया उड़ाने के बाद कलेक्टर ने अपना बचाव करते हुए पाए गए. उन्होंने कहा कि, कोरोना वायरस के मुद्दे पर लोक कल्याण के लिए उनकी पूजा थी. इस पूजा यज्ञ के दौरान मौजूद साथ एक व्यक्ति ने कहा, “यह पूजा सभी कल्याण के लिए लघु विष्णु यज्ञ, विश्व स्वास्थ्य और विश्व तापमान हरण एंव सर्व कल्याण के लिए एक दिन आयोजित की गई थी”.

इस मुद्दे पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार मीणा से टेलीफोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका. कलेक्टर के द्वारा दी गई सफाई को यदि मान भी लिया जाए तो वीडियो में दिख रहे एक वृद्ध श्ख्स की जो तस्वीर है वह कोई और कर्मकांड वहां चालू होने का गवाही दे रही है. ऐसी बचकानी सफाई पर कौन भरोसा कर सकता है कि एक वृद्ध व्यक्ति की फोटो रखकर कौन लोक कल्याण के लिए संपूर्ण बंदी के समय पूरे साजो सज्जा के साथ पूजा कराएगा?