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भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं पर FIR दर्ज करने का मामला, दिल्ली हाईकोर्ट में एक बार फिर से टली सुनवाई

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दिल्ली हिंसा को लेकर बीजेपी नेताओं पर एफआईआर की मांग वाली याचिका पर सुनवाई फिर टाल दी गई है. हाईकोर्ट अब इस मामले पर 12 मार्च को सुनवाई करेगा. मामला पहले भी हाईकोर्ट गया, लेकिन सुनवाई एक महीने के लिए टाल दी गई. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस मामले को टाला न जाए और 6 मार्च को सुनवाई हो.

हाईकोर्ट ने टाली थी सुनवाई

बता दें कि इस मामले को लेकर सीनियर एडवोकेट कोलिन गोन्जाल्विस ने याचिका दायर की थी. जिसमें कहा गया था कि दिल्ली हिंसा के लिए बीजेपी नेताओं के भड़काऊ बयान जिम्मेदार हैं. जिसके बाद हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई की. सुनवाई के पहले दिन जस्टिस मुरलीधर ने पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने को कहा था. जस्टिस मुरलीधर ने पुलिस से एक दिन के भीतर जवाब देने को कहा था. लेकिन उसी रात उनका ट्रांसफर हो गया. दूसरी बेंच ने मामले की सुनवाई की और सरकार को 4 हफ्ते का वक्त दे दिया.

हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई टलने के बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर जल्द सुनवाई होनी चाहिए. इसीलिए हाईकोर्ट को कहा गया कि वो 6 मार्च शुक्रवार को मामले पर सुनवाई करे.

दिल्ली हिंसा से ठीक एक दिन पहले बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने पुलिस के सामने खड़े होकर एक धमकी दे डाली थी. दिल्ली पुलिस के डीसीपी के सामने मिश्रा ने कहा था कि अगर तीन दिन के अंदर सड़कों को संशोधित नागरिकता विरोधी प्रदर्शनकारियों से खाली नहीं कराया गया तो वो अपने समर्थक के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे. इसके बाद वो पुलिस की भी नहीं सुनेंगे. उसके बाद दिल्ली में हिंसा शुरु हो गई थी. अब तक 53 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं करीब 1800 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है.