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केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ता पर रोक का मामला, पूर्व PM मनमोहन ने कहा गलत निर्णय

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कोरोना वायरस लॉकडाउ से उपजे संकट के हालात से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए महंगाई भत्ता पर रोक लगा दी है. मोदी सरकार के इस फैसले पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने इस पर अपनी असहमति जताई है. उनका मानना है कि ऐसे वक्त में सरकार को यह कदम नहीं उठाना चाहिए था.

सरकार द्वारा कर्मचारियों के महंगाई भत्ता पर जुलाई 2021 तक रोक लगाने के फैसले पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि मैं यह पूरी तरह से मानता हूं कि इस समय सरकारी कर्मचारियों और सशस्त्र बलों के लोगों पर ये कठोरता थोपना आवश्यक नहीं है.

बता दें कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाने पर रोक लगा दी है. सरकार के इस फैसले का असर 54 लाख सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा. सरकार का यह फैसला कोरोना वायरस महामारी के चलते लिया गया है, जिसकी वजह से सरकारी राजस्व बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक ज्ञापन में कहा गया है, ”कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न संकट को देखते हुए केंद्र सरकार के कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते में एक जनवरी 2020 से मिलने वाली किस्त को रोकने का निर्णय लिया गया है. इसके साथ ही एक जुलाई 2020 से और एक जनवरी 2021 में दी जाने वाली महंगाई भत्ते की अगली किस्त के भुगतान पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है.