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चीन ने अगवा किए गए अरूणाचल प्रदेश के 5 लोगों को भारतीय सेना को सौंपा

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अरूणाचल प्रदेश के जंगलों से गायब हुए पांच भारतीय युवकों को आज चीन की सेना ने भारतीय सेना को लौटा दिया. अरूणाचल प्रदेश के उच्च सुबनसिरी जिले में मैकमोहन लाइन के निकट से चीन (China) की जनमुक्ति सेना (पीएलए) द्वारा कथित तौर पर अगवा किए गए पांच युवकों को शनिवार को अंजॉ जिले में छोड़ दिया गया. यह स्थान ईटानगर से करीब 1,000 किमी की दूरी पर है.

तेजपुर में रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षवर्धन पांडे ने बताया कि पीएलए ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन युवाओं को भारतीय सेना को सौंप दिया.

भारत लौटने पर पांचों युवकों को 14 दिन के क्वारंटीन पर भेज दिया गया है. ये पांचों युवक एक हफ्ते पहले अरूणाचल प्रदेश के जंगल में शिकार करते वक्त चीन (China) की सीमा में गलती से दाखिल हो गए थे.

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रक्षा मंत्रालय के तेजपुर (असम) स्थित प्रवक्ता, कर्नल हर्षवर्धन के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 9.30 बजे इन पांचों युवकों को भारतीय सेना के हवाले कर दिया गया. कोरोना के प्रोटोकॉल के तहत इन पांचों युवकों को 14 दिन तक क्वारंटीन में रहना होगा. उसके बाद इन युवकों को उनके परिवारों को सौंप दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएं पहले भी होती रही हैं और मौजूदा घटना इस‌ साल की तीसरी है जब भारतीय सेना ने चीन (China) से भारतीय नागरिकों को वापस लिया है.

पिछले हफ्ते लापता हुए थे भारतीय

जिले के नाचो इलाके के ग्रामीण युवक दो सितंबर को जंगल में शिकार करने गए थे जिन्हें सेरा-7 से चीन (China) के सैनिक कथित तौर पर ले गए. सेरा-7 सेना का गश्ती क्षेत्र है जो नाचो के उत्तर में 12 किमी की दूरी पर स्थित है. इनके परिवारवालों ने चीन (China) की सेना पर अगवा करने का आरोप लगाया था. अरूणाचल प्रदेश के स्थानीय नेताओं ने सेनाओ और सरकार से युवकों को वापस लाने की गुहार लगाई थी.

इसके बाद 8 सितंबर को भारतीय सेना ने चीन (China) की पीएलए सेना से हॉटलाइन पर संपर्क किया था. चीनी सेना ने उसके बाद युवकों के चीनी सीमा में दाखिल होने की जानकारी दी थी. शुरुआत में चीन (China) ने इन भारतीय नागरिकों द्वारा जासूसी करने के आरोप लगाए थे.

सीमा पर हालात तनावपूर्ण

उधर भारत-चीन सीमा पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक, LAC पर चीन नए सिरे से की टकराव की तैयारी कर रहा है. LAC पर तैनात चीन के सैनिकों के पास अब हथियार नजर आ रहे हैं.

गलवान, पैंगोंग में हिंदुस्तान के पराक्रम से चीन तिलमिलाया हुआ है. अब चीन LAC पर टकराव की नए सिरे से तैयारी कर रहा है. ये चीन है, जो सिर्फ झूठ बोलता है, बातचीत भी करता है और बॉर्डर पर विश्वासघात भी करता है. चीन लगातार सीमा पर अपनी सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है.

बातचीत से समाधान करने की कोशिश

उधर भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को वर्चुअल मोड के जरिए द्विपक्षीय 2 + 2 बैठक की. इस बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा, सुरक्षा और विदेश नीति क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा की. यह बैठक ऐसे समय आयोजित हुई है जब पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ तनाव जारी है. अमेरिका ने चीन की आक्रामकता की निंदा की है और भारत का समर्थन किया है

बीते दिनों अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपिओ ने चीन पर निशाना साधते हुए कहा था कि ताइवान जलडमरूमध्य से लेकर हिमालय और उससे आगे तक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी अपने पड़ोसियों को धमकाने में लगी हुई है. वहीं अमेरिका की खुफिया एजेंसियों का कहना है कि तिब्बत से लद्दाख तक फैली पैंगोंग झील के दक्षिणी पर चीन के अतिक्रमण की ताजा कोशिशों का मकसद भारत को जानबूझकर उकसाना है.

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