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GPCB के अधिकारियों की खुली आंख, चिरिपाल ग्रुप की फैक्ट्री को बंद करने का आदेश

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  • पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए विशाल फैब्रिक्स पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना chiripal group company closed news
  • चिरिपाल समूह के कारखाने में हुई घटना को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा गया था पत्र

अहमदाबाद: जिले के धोणी गांव की सीमा पर मौजूद चिरिपाल ग्रुप के के विशाल फैब्रिक्स में गैस रिसाव से चार युवा सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई थी.

घटना के बाद वटावण गांव के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने राज्य के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था. chiripal group company closed news

पत्र के आधार पर जीपीसीबी ने चिरिपाल समूह की जांच कर कारखाने को बंद करने का नोटिस जारी किया था. chiripal group company closed news

इतना ही नहीं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. chiripal group company closed news

सीएम रूपाणी को सामाजिक कार्यकर्ता ने लिखा था खत

अहमदाबाद जिले के ढोलका तहसील के वटावण में रहने वाले केतन परमार ने मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र लिखकर आरोप लगाया कि अहमदाबाद जिले के धोणी गाँव के सीमा पर मौजूद चिरिपल ग्रुप के धोणी इंडस्ट्रीज स्पिनिंग पार्क में 12 अलग-अलग कंपनियां मौजूद हैं.

इन सभी कंपनियों में वेस्ट पानी को निकालने के लिए एक ईटीपी प्लांट मौजूद है. chiripal group company closed news

इस ईटीपी प्लांट में में कैमिकल पाइपलाइन में लिकेज होने से विशाल फ्रीबिक नामक कंपनी के चार श्रमिक संयंत्र में रिपेरिंग का काम करने उतरने वाले चार कर्मचारियों की जहरीली गैसे के प्रभाव में आने से मौत हो गई थी.

चार श्रमिकों की हुई थी मौत chiripal group company closed news

सभी मृत श्रमिक बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अत्यधिक खतरनाक जहरीले रसायनिक संयंत्र में उतारे थे. इन सभी श्रमिकों की मृत्यु हो गई थी.

कंपनी ने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अग्निशमन उपकरण उपलब्ध नहीं कराया था. इस कंपनी का कामकाज और सुविधाओं का निरीक्षण नियमों के अनुसार उद्योग आयुक्त कार्यालय, श्रम और रोजगार कार्यालय, अहमदाबाद कलेक्टर के आदेशों का पालन करना होता है. chiripal group company closed news

गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कचरा और प्रवाही कचरा को निकालने की व्यवस्था और ईटीपी संयंत्र के सभी प्रकार के मशीनरी के संचालन का निरीक्षण और इसकी गुणवत्ता, संयंत्र की क्षमता, दस्तावेजी और साइट सबूत कंपनी को लिखित रूप से आवश्यक निर्देश दिए. इन निर्देशों का पालन करना होता है. chiripal group company closed news

अगर कोई कमी नजर आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है. chiripal group company closed news

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कंपनी सरकारी नियमों का कर रही थी अनदेखी chiripal group company closed news

इन कंपनियों के ई.टी.पी. संयंत्र क्षमता के अनुसार दोगुना प्रवाही कचरा डाला जाता है. बिना किसी ट्रीटमेंट के इस केमिकल वाले कचरा को गैर कानूनी रूप से गांव के तालाब में डाल दिया जाता है.

इन सभी कंपनियों का सालाना निरीक्षण भी किया जाता है. GPCB अधिकारी अपने भ्रष्ट निती की वजह से ऐसी कंपनियों पर कोई एक्शन नहीं ले रहे थे. chiripal group company closed news

जिम्मेदार अधिकारियों के पाप के कारण चार श्रमिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. ऐसे में सवाल उठत रहा था कि अब भी कोई एक्शन इन कंपनियों पर नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में इससे भी ज्यादा लोगों की मौत होगी.

ऐसी कंपनी और सरकारी अधिकारियों के सामने मानव का जीवन कोई मूल्य नहीं रखता.

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को लिखे इस पत्र के बाद जीपीसीबी के अधिकारियों ने फैक्ट्री का दौरा किया और विशाल फेब्रिक्स को 7 अगस्त के दिन अधिनियम, 1974 की धारा 33 (ए) के तहत बंद करने का आदेश दिया.

इतना ही नहीं कंपनी पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जीपीसीबी ने एक पत्र में वन और पर्यावरण विभाग के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता को भी सूचित किया है.

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