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#Column: गुजरात बीजेपी अध्यक्ष के रूप में जीतू वघानी की जगह कौन लेगा?

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बीजेपी के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष जीतू वघानी एक बेहद सुलझे इंसान माने जाते हैं. पहले वह पार्टी अध्यक्ष के लिए सबसे अप्रत्याशित विकल्प थे, जब उन्हें 2016 में इस पद के लिए नामांकित किया गया था. अध्यक्ष पद पर रहते हुए उनका कार्यकाल बहुत पहले ही समाप्त हो गया था. लेकिन अज्ञात कारणवश उनके नए अध्यक्ष की घोषणा में देरी होने की वजह से वह फिलहाल वह इस पद बने हुए हैं.

बीजेपी से जुड़े कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष के रूप में फिर से जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. लेकिन गुजरात एक्सक्लूसिव के हाथों खबर लगी है कि करीब-करीब तय हो चुका है कि उनकी जगह कोई और लेगा. इसके लिए नामांकन राज्यसभा चुनाव के बिल्कुल ठीक बाद होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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गुजरात बीजेपी को पिछले साल दिसंबर में ही नया राज्य अध्यक्ष मनोनीत करना था, लेकिन उस समय आंतरिक कारणों से यह फैसला टाल दिया गया था और इसके बाद भारत में कोरोना महामारी के की वजह से इसमें और देरी हुई. जिसके बाद हालात ऐसे बन गए कि कोई भी राजनीतिक दल किसी भी प्रकार का बड़ा राजनीतिक फैसला नहीं ले सकता था.

लेकिन गुजरात बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि पार्टी को एक नए चेहरे की जरूरत है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यह करीब-करीब तय है कि पाटीदार समुदाय को पद मिलेगा. उसमें भी सौराष्ट्र के ‘लेउवा पटेल’ समुदाय से जुड़े नेता के नाम पर मुहर लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इस पद के लिए वैसे तो कई दावेदार हैं लेकिन एक समूह ऐसा भी है जो उत्तर गुजरात के लिए पद हथियाना चाहता है.

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मौजूदा हालात में सौराष्ट्र के ‘लेउवा पटेल’समुदाय के नेता मनसुख मंडाविया को पार्टी का नेतृत्व करने का अवसर मिल सकता है. लेकिन प्रधानमंत्री से हरी झंडी मिलने के बाद ही उनके नाम पर मुहर लगेगा. अगर पूरे सौराष्ट्र की बात की जाए तो राज्य मंत्री आरसी फणदू अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार हो सकते हैं.

पार्टी में कई लोग रजनी पटेल के लिए भी कोशिश कर रहे हैं लेकिन कई लोगों का मानना है कि उनका नामांकन विफल हो सकता है क्योंकि नितिन पटेल उत्तर गुजरात से ‘कडवा पाटीदार’ के रूप में मौजूद हैं जो वर्तमान सरकार में उप मुख्यमंत्री हैं. अगर उत्तर गुजरात के कडवा पाटीदारों में दो वरिष्ठ पद जाते हैं, तो भाजपा के सबसे बड़े हितैसी ‘लेउवा पाटीदार’समुदाय नाराज हो सकता है. लेकिन इन बातों के बावजूद अगर रजनी पटेल को मौका मिलता है, तो पार्टी के भीतर नितिन पटेल के भविष्य के बारे में तत्काल चर्चा शुरू हो जाएगी.

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लेकिन चर्चा यह है कि नरेंद्र मोदी के साथ-साथ अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल की राय इस पद के लिए बहुत मायने रखेगी. चलिए देखते हैं कि किसे ऊपरवाले का साथ मिलता है. लेकिन इन सबके बीच जो बात निश्चित है, वह यह है कि इस पद के लिए जीतू वघानी की किस्मत तेजी से लुप्त होती जा रही है.

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो दो दशकों से गांधीनगर, गुजरात की नौकरशाही और राजनीति को करीब से देख रहै हैं)