Gujarat Exclusive > देश-विदेश > फैक्ट्री में कामगारों की कमी, मजदूरों को विशेष विमान से वापस बुला रही हैं कंपनियां

फैक्ट्री में कामगारों की कमी, मजदूरों को विशेष विमान से वापस बुला रही हैं कंपनियां

0
2918

कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में जब लॉकडाउन लगाया गया था तो लाखों-करोड़ों प्रवासी मजदूर अपने घर लौटने के लिए मजबूर हो गए थे. साधन नहीं मिलने पर ये मजदूर पैदल, साइकल या जो सुविधा मिली, उसी से अपने घर निकल लिए थे लेकिन अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए देश में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. कंपनियां अपनी पूरी रफ्तार से काम करने के लिए तैयार हैं लेकिन इन कंपनियों के पास मजदूरों की भारी कमी है. आलम ये है कि ये कंपनियां चार्टर्ड फ्लाइट से मजदूरों को वापस बुला रही हैं ताकि कारखानों में फिर से काम शुरू हो सके.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर के अनुसार, ‘पिछले एक महीने में मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल गुड्स, रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी जैसे सेक्टर की कंपनियां 700 से ज्यादा घरेलू उड़ानों के द्वारा श्रमिकों को उनके घर से वापस कार्यस्थल पर लेकर आईं.’ मालूम हो कि मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री कामगारों के बिना चला पाना असंभव है. ऐसे में ये कंपनियां कुशल और अकुशल दोनों तरह के श्रमिकों को वापस ला रही हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक कंपनी ओएनजीसी लिमिटेड और दिग्गज इन्फ्रा कंपनी लार्सन ऐंड टूब्रो ने पटना और भुवनेश्वर से मुंबई और अहमदाबाद के लिए चार्टर्ड फ्लाइट संचालित कर कामगारों को वापस बुलाए. कुछ कंपनियों और एयरलाइंस के एग्जिक्यूटिव्स ने बताया कि चेन्नई और राजमुंदरी जैसे इंडस्ट्रियल हब तक भी कर्मचारियों को पहुंचाने के लिए कई चार्टर्ड फ्लाइट गए हैं.

इंडियन एक्सप्रेस ने एयर इंडिया के एक अधिकारी के हवाले से लिखा की सरकारी कंपनी ओएनजीसी ने चार्टर्ड विमानों से करीब 5,000 कर्मचारियों को अपने विभिन्न केंद्रों तक पहुंचाया है. इनमें बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कर्मचारी शामिल हैं. मालूम हो कि महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु जैसे राज्यों से ही सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर इन राज्यों में अपने घर लौटे थे.

बड़ी कामयाबी: कोरोना के जोखिम वाले इलाकों का पता लगाने वाली तकनीक विकसित