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सिंधिया-कमलनाथ में वाद-विवाद बढ़ा, सड़क पर उतरने के बयान पर सीएम का जवाब, ‘तो उतर जाएं’

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच वाद-विवाद की वजह से तकरार की खबरें बढ़ती जा रही हैं. कमलनाथ ने सिंधिया द्वारा राज्य में घोषणापत्र लागू ना होने और किसानों के लोन ना माफ करने पर सड़कों पर उतरने के बयान पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते उन्हें सड़क पर उतर जाने को कहा है. उधर विवाद को देखते हुए शनिवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति ने मीटिंग बुलाई.

मध्य प्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक में मध्य प्रदेश के सीएम कमल नाथ और पार्टी के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, दीपक बाबरिया, एआईसीसी प्रभारी, मीनाक्षी नटराजन और जीतू पटवारी शामिल हुए. सिंधिया ने बैठक के बाद कहा कि यह कारगर मीटिंग रही, आगे हम सकारात्मक रवैये से कार्य करेंगे.

क्या था माजरा

कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को कहा था कि यदि मध्य प्रदेश में सरकार पार्टी के घोषणापत्र को पूरा लागू नहीं करती है तो वह सड़कों पर उतरेंगे. उन्होंने दिल्ली चुनाव में पार्टी की हार के बाद सोच बदलने की भी जरूरत बताई थी. संत रविदास जयंती के अवसर पर जिले में कुडीला गांव में एक सभा को सम्बोधित करते हुए सिंधिया ने कहा था, ‘मेरे अतिथि शिक्षकों को मैं कहना चाहता हूं. आपकी मांग मैंने चुनाव के पहले भी सुनी थीं. मैंने आपकी आवाज उठाई थी और ये विश्वास मैं आपको दिलाना चाहता हूं कि आपकी मांग जो हमारी सरकार के घोषणापत्र में अंकित है वो घोषणापत्र हमारे लिए हमारा ग्रंथ है.’

उन्होंने अतिथि शिक्षकों को सब्र रखने की सलाह देते हुए कहा था, ‘अगर उस घोषणापत्र का एक-एक अंग पूरा न हुआ तो अपने को सड़क पर अकेले मत समझना. आपके साथ सड़क पर ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उतरेगा. सरकार अभी बनी है, एक वर्ष हुआ है. थोड़ा सब्र हमारे शिक्षकों को रखना होगा. बारी हमारी आयेगी, ये विश्वास, मैं आपको दिलाता हूं और अगर बारी न आये तो चिंता मत करो, आपकी ढाल भी मैं बनूंगा और आपका तलवार भी मैं बनूंगा.’ इससे पहले सिंधिया ने जिले के पृथ्वीपुर में संवाददाताओं से कहा था कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की पराजय दुर्भाग्यपूर्ण है.