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कोरोना रिपोर्ट- 16: तालाबंदी की वजह से शादियां रद्द, ब्राह्मण, फोटोग्राफर और कैटरर्स पर संकट के बादल

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विशाल मिस्त्री राजपीपणा: कोरोना के बढ़ते आतंक के बीच जारी लॉकडाउन की वजह से लोग घर में कैद होकर रह गए हैं. लोग उम्मीद कर रहे थे कि लॉकडाउन 15 अप्रैल को खुल जाएगा और लोग अपने काम-काज, व्यवसाय को एक बार फिर से शुरू करेंगे. लेकिन तालाबंदी की मियाद बढ़ने के बाद शादी समारोह सहित आयोजनों को बंद करने का आदेश दिया गया है.

इसका सीधा असर यह हुआ है कि गुजरात के 3 लाख कर्मकांडी ब्राह्मण, फोटोग्राफ़र, कैटरर्स, फरसाना, शादी के आयोजक, पार्टी प्लॉट के मालिक और संगीत पार्टी के आयोजकों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. नर्मजा जिला के परशुराम सेना युवा कार्यकर कंदर्प जानी और चाणोद के वरिष्ठ कर्मकांडी ब्रह्मण दिलीपभाई पंड्या के अनुसार गुजरात में लगभग 3 लाख कर्मकांडी ब्राह्मण हैं जो विवाह सपंन्न करवाकर अपने जीवन का निर्वाह करते हैं. नर्मदा जिला में शादी संपन्न करवाने वाले कई कर्मकांडी ब्राह्मणों की आर्थिक स्थिति अच्छी है लेकिन कुछ लोगों को इस मुश्किल वक्त में आर्थिक संकट से दो-चार होना पड़ रहा है. बावजूद इसके सरकार ऐसे लोगों के बारे में कोई विचार नहीं कर रही है.

इस मामले को लेकर गुजरात सरकार के पूर्व मंत्री जय नारायण व्यास ने भी सरकार को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि मंदिरों को तालाबंदी में बंद कर दिया गया है, शादी समारोह को स्थगित कर दिया गया है, कथावार्ता को भी रोक दिया गया है. नर्मदा जिला सहित गुजरात के ज्यादातर ब्राह्मण पूजा-पाठ अनुष्ठान की विधि कर अपने जीवन का निर्वाह करते हैं. लेकिन तालाबंदी की वजह से ऐसे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. इसलिए सरकार को ऐसे ब्राह्मणों को राहत पैकेज देकर उनकी मदद करनी चाहिए.

ऐसी ही स्थिति वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर्स की है. शादी का सीजन आने के कारण उन्होंने पहले ही लाखों रुपये की लागत से एक नई प्रणाली वाले साधन खरीद ली थी. इतना ही नहीं ऑर्डर बुक करने के बाद ग्राहकों से बुकिंग राशि भी ले ली गई है. लेकिन शादी रद्द होने की वजह से अब ग्राहक अपनी बुकिंग राशि वापस मांग रहे हैं. लेकिन ये लोग अपने पैसे को नई प्रणाली का साधन खरीदकर सभी पैसा लगा दिया है. कुछ कैटरर्स, संगीत पार्टी आयोजकों, परसाणा दुकान के मालिकों तो ब्याज पर रकम लेकर शादी समारोह आने से पहले ही तमाम तैयारी कर ली थी. ऐसी ही स्थिति मिठाई, ब्यूटी पार्लर, पार्टी प्लॉट के मालिकों की हो गई है.शादी सीजन में तालाबंदी इन तमाम पर संकट के बादल खड़ा कर दिया है. ऐसे में ये तमाम लोग घर में कैद होकर रह गए हैं और सरकार से राहत पैकेज की उम्मीद कर रहे हैं.

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