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कोरोना का असर : पंजाब और हरियाणा के हजारों कैदी पैरोल पर छोड़े जाएंगे

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कोरोना वायरस की महामारी के चलते संक्रमण की आशंकाओं के मद्देनजर पंजाब और हरियाणा की जेलों में बंद हजारों कैदियों को पैरोल पर रिहा किया जाएगा. कैदियों के दबाव को कम करने का यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार लिया गया है. दिल्ली के तिहाड़ जेल की तर्ज पर पंजाब सरकार ने कोरोना के चलते गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जेल से भीड़ को कम करने के लिए 6000 कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का फैसला किया है.

पंजाब के जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि ऐसे कैदी जिन्हें सात साल से कम की सजा सुनाई गई है, उन छह हजार कैदियों को पैरोल पर छोड़ा जा रहा है. इससे पहले, तिहाड़ जेल प्रशासन ने ऐसा ही ऐलान करते हुए कहा कोरोना वायरस के चलते अगले 3-4 दिनों में करीब 3 हज़ार कैदी छोड़े जाएंगे.

बलात्कार, एसिड अटैक, पोस्को के दोषियों को नहीं मिलेगी पैरोल

वहीं हरियाणा सरकार ने भी अपने राज्य में कैद सैकड़ों कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का फैसला किया है. हालांकि बलात्कार, एसिड अटैक, पोस्को एक्ट नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले व कई आपराधिक मामलों में लिप्त कैदियों को इस दौरान जेल से रिहा नहीं किया जाएगा.

हरियाणा के जेल मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि जो कैदी अथवा बंदी पहले से ही पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर हैं, उनकी चार सप्ताह की विशेष पैरोल बढ़ाई जाएगी. इसी तरह जो कैदी एक पैरोल या एक फरलो शांतिपूर्वक व्यतीत करके समय पर जेल में हाजिर हो गए, उन्हें भी छह सप्ताह की विशेष पैरोल दी जाएगी.

जेल मंत्री रणजीत सिंह ने इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि जिन कैदियों की आयु 65 वर्ष से अधिक है और एक से अधिक केसों में संलिप्त नहीं हैं तथा जो अधिक मात्रा में मादक पदार्थ के केस या धारा 379 बी या पोस्को एक्ट या बलात्कार या एसिड अटैक जैसे मामले में सजायाफ्ता नहीं हैं उन्हें भी अच्छे आचरण के आधार पर छह सप्ताह की विशेष पैरोल दी जाएगी. गौरतलब है कि इसमें विदेशी कैदियों को शामिल नहीं किया गया है.

रणजीत सिंह ने कहा कि ऐसे कैदी, जिनकी सजा सात वर्ष से अधिक नहीं है तथा कोई भी अन्य केस न्यायालय में लंबित नहीं है, कोई जुर्माना भी बकाया नहीं है, उन्हें भी जेल में अच्छे आचरण के आधार पर छह से आठ सप्ताह तक की विशेष पैरोल दी जाएगी. साथ ही उन कैदियों को भी विशेष पैरोल दी जाएगी जिनकी अधिकतम सजा सात वर्ष तक है तथा उन पर यदि कोई केस लंबित है जिसमें वह जमानत पर है और उसने पहले से कोई पैरोल शांतिपूर्वक व्यतीत कर ली है.

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