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तालाबंदी के दौरान भी जारी भ्रष्टाचार, नर्मदा में राशन की सरकारी दुकान पर लगा ताला

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विशाल मिस्त्री, राजपीपणा: कोरोना कहर के बीच जारी तालाबंदी के दौरान राज्य के गरीब भूखे पेट ना सोए इस मकसद को लेकर रुपाणी सरकार ने बीपीएल, एपीएल और अंत्योदय कार्ड धारकों को मुफ्त में अनाज देने की घोषणा की है. इस बीच गुजरात के कई इलाकों में व्यापक भ्रष्टाचार की शिकायतें भी आ रही है कि सरकारी राशन दुकानदार निर्धारित मात्रा से कम अनाज दे रहे हैं. जिसके बाद सरकार ने ऐसे दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी निर्देश दिया है. नर्मदा जिले में कार्ड धारकों को कम अनाज देने के मामले में 4 अनाज की दुकानों का लाइसेंस 30 दिनों के लिए स्थगित कर दिए गए हैं.

कोरोना महामारी के बीच जारी तालाबंदी के दौरान गुजरात सरकार ने आवश्यक वस्तुओं को मुफ्त में वितरित करने का निर्देश दिया था. ताकि तालाबंदी के दौरान लोगों को आवश्यक चीज वस्तुओं को खरीदने के लिए भटकना ना पड़े. 01 से 03 अप्रैल के दौरान, डेडियापाडा तालुका के शीशा गाँव के रमेश गिमलिया वसावा, वांदरी गाँव के बयजी गामिया वसावा, पाटवली गाँव के धर्माभाई वसावा सागवारा तहसील के भोरआमली गांव के जागृति सखी मंडल की ओर से कार्ड धारकों को कम अनाज मिलने की शिकायत के आधार पर मामलतदार ने मामले की जाँच कर रिपोर्ट भेजा था जिसके आधार पर इन गांव में मौजूद चारों सरकारी राशन दुकान की लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से 30 दिनों के लिए स्थगित करने का निर्देश दिया गया है. मामला सामने आने के बाद जिला आपूर्ति अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं.

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