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अमेरिका में 1 नवंबर से कोरोना वैक्सीन बांटने की तैयारी

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दुनिया के कई देशों के साथ अमेरिका भी कोरोना की वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) की दौड़ में शामिल है. अमेरिका की कोरोना वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिका की संघीय सरकार ने सभी राज्यों को एक नवंबर से कोरोना वायरस टीके (Covid-19 Vaccine) वितरित करने के लिये तैयार रहने को कहा है. इसको लेकर राज्यों को निर्देश भेजे गए हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों से पहले ट्रंप प्रशासन राज्य के अधिकारियों से 1 नवंबर तक टीका वितरण के लिए अनुमोदन (अप्रूवल) को गति देने का आग्रह कर रहा है.

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अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्र के निदेशक रॉबर्ट रेडफील्ड ने 27 अगस्त को राज्यों के गवर्नरों को लिखे पत्र में कहा,

निकट भविष्य में हमें मेककेसन कॉरपोरेशन की ओर से अनुमति पत्र मिल जाएगा, जिसने राज्यों और स्थानीय स्वास्थ्य विभागों तथा अस्पतालों समेत कई स्थानों पर टीकों के वितरण के लिये रोग नियंत्रण केन्द्र (सीडीसी) से अनुबंध कर रखा है. सीडीसी इन टीकों के वितरण का काम तेज करने में आपसे सहयोग का अनुरोध करता है. आपसे आग्रह किया जाता है कि यदि आवश्यकता हो तो आप एक नवंबर 2020 तक इन केन्द्रों को पूरी तरह संचालित करने के लिये जरूरी इंतजाम करें.

इससे पहले यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर स्टीफन हैन ने एक साक्षात्कार में कहा था कि वैक्सीन के लिए एक आपातकालीन प्राधिकरण उपयुक्त हो सकता है, इससे पहले भी वैक्सीन ने फेज 3 क्लिनिकल परीक्षण पूरा कर लिया है.

डब्लूएसजे के अनुसार, एफडीए वैक्सीन सलाहकार समिति सीओवीआईडी ​​-19 टीकों के प्राधिकरण पर चर्चा करने के लिए 22 अक्टूबर को बैठक करेगी.

वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ट्रंप सरकार ने स्टेट गवर्नरों से दवा थोक व्यापारी की सहायक कंपनियों द्वारा उपयोग के लिए वितरण स्थलों के परमिट के लिए मार्ग को हटाने का आग्रह किया है.

ट्रंप ने दी थी वैक्सीन की जानकारी

गौरतलब है कि सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि एस्ट्राजेनेका(AstraZeneca) द्वारा विकसित किए जा रहे कोरोना वायरस के टीके (Covid-19 Vaccine) का ट्रायल तीसरे और अंतिम चरण में पहुंच चुका है और फिलहाल इसकेअनुमोदन (अप्रूवल) के लिए अंतिम रूप दिया जा रहा है.

तीसरे चरण के ट्रायल को ऑपरेशन वीवीपी स्पीड के हिस्से के रूप में लागू किया जा रहा है जो कि एक मल्टी एजेंसी है जो कोरोना वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) के उत्पादन में तेजी लाती है.

वैक्सीन की रेस में 170 से ज्यादा देश शामिल

सीडीसी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक सलाहकार समिति एक रैंकिंग व्यवस्था पर काम कर रही है, जिसके तहत प्रायोरिटी के आधार पर टीके लगाए जाएंगे.

सीडीसी ने अमेरिकी राज्यों को एक वैक्सीन रोलआउट योजना से जुड़े दस्तावेज दिए हैं साथ ही यह भी कहा है कि उन्हें या तो लाइसेंस प्राप्त वैक्सीन के रूप में मंजूरी मिलेगी या फिर इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन के तहत मंजूरी मिलेगी.

दुनिया के 170 से ज्यादा देश ‘कोविड-19 ग्लोबस एक्सेस (कोवैक्स) फैसिलिटी’ पर बातचीत कर रहे हैं. ‘कोविड-19 ग्लोबस एक्सेस (कोवैक्स) फैसिलिटी’ का उद्देश्य सभी देशों को सामान रूप से वैक्सीन उपलब्ध कराना है. लेकिन अमेरिका ने कोरोना वायरस वैक्सीन के विकास, निर्माण और समान रूप से वितरित करने के वैश्विक प्रयास में शामिल होने से इनकार कर दिया है.

अमेरिका ने कहा कि वह वैक्सीन के बनाने और समान रूप से बांटने के वैश्विक प्रयास में शामिल नहीं होगा, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इसमें शामिल है.

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जुड डीरे ने डब्ल्यूएचओ को भ्रष्ट बताते हुए कहा, ‘कोरोना से लड़ने में अमेरिका अपने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों की मदद करना जारी रखेगा. लेकिन हम भ्रष्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन और चीन से प्रभावित बहुपक्षीय संगठनों द्वारा विवश नहीं होंगे.’

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