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गुजरात: GSEB ने घटाए पाठ्यक्रम, कक्षा 9 से 12 तक के लिए 30% की कटौती

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कोरोना महामारी के कारण स्कूल और कॉलेज बंद पड़े हैं. हालांकि अब धीरे-धीरे देश में अनलॉक की प्रक्रिया के जरिये शिक्षण संस्थानों को खोला जा रहा है. लेकिन इस दौरान स्कूल-कॉलेजों के साथ-साथ छात्रों के सामने भी कई चुनौतियों होंगी. खासतौर से स्कूलों के पाठ्यक्रम (Curriculum) को समय पर पूरा कर पाना मुश्किल होगा. इस को ध्यान में रखते हुए गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (GSEB) ने कक्षा 9 से 12 के लिए पाठ्यक्रम (Curriculum) को 30% तक कम करने का फैसला किया है.

यह फैसला ऐसे समय में आय़ा है जब स्कूलों ने अपने कार्यदिवस और ऑनलाइन शिक्षा में कमी करने का फैसला किया है.

इस कमी का मतलब यह है कि जो कम पाठ्यक्रम (Curriculum) का हिस्सा नहीं हैं, वे अब परीक्षा का हिस्सा नहीं होंगे. कटौती किया गया पाठ्यक्रम स्कूली वर्ष समाप्त होने तक एक वर्ष के लिए लागू होगा. उधर पाठ्यक्रम (Curriculum) में कटौती का स्कूलों ने स्वागत किया है.

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गौरतलब है कि मार्च में लगाए गए लॉकडाउन के कारण स्कूलों में काफी दिनों तक पढ़ाई नहीं हो पाई है जिसकी कारण पाठ्यक्रम को कम करने का अनुरोध किया गया है.

सीबीएसई ने भी की थी कटौती

कक्षा 9 से 12 के लिए केंद्र ने पहले ही इस साल सीबीएसई पाठ्यक्रम (Curriculum) में 30% तक की कटौती करने की घोषणा की है. केंद्र ने कहा था कि इसका उद्देश्य कोरोना के कारण छात्रों पर परीक्षा के तनाव को कम करना था. बोर्ड ने एक समय के लिए करीब 190 विषयों में कटौती की थी.

क्या हैं शिक्षा मंत्रालय के दिशानिर्देश

15 अक्टूबर से देश में कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान खुल सकते हैं. हालांकि, शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने का निर्णय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर छोड़ा गया है. शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक स्कूल-कॉलेजों के खुलने के बाद भी छात्रों पर अटेंडेंस का दबाव नहीं बनाया जा सकेगा.

स्कूल में प्रवेश करने से पहले छात्रों को अपने अभिवावक का लिखित अनुमति पत्र लाना होगा. स्कूल खुलने के बाद भी छात्र उसी सूरत में स्कूल के अंदर जा पाएंगे जब वो अपने अभिवावक से लिखित अनुमति लेकर आएंगे. अटेंडेंस में छात्रों को छूट दी जाएगी. किसी किस्म की सख्ती नहीं की जाएगी. छात्र चाहें तो स्कूल आने की बजाए ऑनलाइन क्लास जारी रख सकते हैं. शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश अपनी स्थानीय जरुरतों के आधार पर स्कूलों को फिर से खोलने के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी अपनी-अपनी मानक संचालन प्रक्रिया तय करेंगे.

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