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दिल्ली सरकार का फैसला, मजदूरों को फिर दी जाएगी 5000 रु. की आर्थिक मदद

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निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों को सरकार की ओर से एक बार फिर से आर्थिक मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कंस्ट्रक्शन का काम करनेवाले मजदूरों को इस महीने एक बार फिर दिल्ली सरकार 5 हजार रुपये की सहायता राशि देगी. दिल्ली के सभी रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के खातों में पांच हजार रुपये की दूसरी किस्त जाएगी.

दिल्ली के श्रम मंत्री गोपाल राय ने कहा कि पिछले महीने सरकार ने रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन मजदूरों के खाते में 5 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे. लॉकडाउन बढ़ने के बाद मजदूरों को फिर से पैसे की समस्या हो रही है. सरकार ने तय किया है कि मंगलवार से रजिस्टर्ड मजदूरों के खाते में इस महीने के लिए दोबारा 5 हजार जमा करवाए जाएं. दिल्ली में करीब 39600 रजिस्टर्ड मजदूर हैं, जिनके अकाउंट में पैसा जाएगा. पिछले महीने भी 39 हजार से ज्यादा मजदूरों के खाते में यह पैसा पहुंचाया गया था. इस तरह सरकार हर रजिस्टर्ड मजदूर को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद देगी.

गोपाल राय ने कहा कि बहुत मजदूरों के फोन आ रहे थे कि रिन्युअल व रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है. अधिकारियों से इस मुद्दे पर बैठक की गई है. अभी दिल्ली में लॉकडाउन है, कोरोना की स्थिति को देखते हुए भगदड़ ना हो, ऐसे में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बदली जा रही है. 15 मई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा. 15 मई को वेबसाइट का लिंक जारी किया जाएगा और उसके जरिए कोई कहीं से भी रजिस्ट्रेशन कर सकता है. 25 मई के बाद श्रम विभाग के कार्यालय में 50-50 लोगों को टोकन देकर बुलाया जाएगा.

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर बढ़ई, कारपेंटर इसमें पंजीकरण करा सकते हैं. वार वाइंडर, कंस्ट्रक्शन साइट पर तैनात चैकीदार भी पंजीकरण करा सकते हैं. कंक्रीट मिक्चर वालों को इसका फायदा मिल सकता है. इसके अलावा, क्रेन ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, फीटरमैन, लोहार, पंप ऑपरेटर, राजमिस्त्री, टाइल्स स्टोन फीटर, बेल्डर, कुली, बेलदार और मजूदरों को यह फायदा मिल सकता है. यह सभी कंस्ट्रक्शन वर्क की श्रेणी में आते हैं. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान आपलोड किए जाने वाले जरूरी कागजात की सूची 15 मई को जारी की जाएगी.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में रह रहे अन्य मजदूरों के लिए भी सरकार काम कर रही है. जिनके पास भोजन की व्यवस्था नहीं है, ऐसे करीब 14 लाख लोगों के लिए अलग-अलग इलाके में खाने की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा, जिन लोगों के पास राशन कार्ड था, उन कार्ड धारकों को इस माह गेहूं और चावल के अलावा अन्य सामग्री का एक किट दिया जा रहा है. दिल्ली के प्रत्येक सांसद और विधायक को 2-2 हजार कूपन दिया गया है.

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