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सूरत में डिप्टी इंजीनियर पर लगा जुर्माना, RTI के तहत जवाब नहीं देना पड़ा महंगा

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सूचना का अधिकार कानून के तहत तय अवधि में जानकारी नहीं देना कतारगाम जोन के डिप्टी इंजीनियर को महंगा पड़ गया. गुजरात सूचना आयोग ने डिप्टी इंजीनियर को दोषी मानते हुए 2500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई.

वराछा मिनी बाजार लाखाणी चैम्बर्स निवासी राजू बाबू मेंदपरा ने 12 दिसम्बर, 2018 को सूचना अधिकार के तहत अर्जी कर कतारगाम जोन के सूचना अधिकारी से सिंगणोपर की एक जमीन को लेकर जानकारी मांगी थी. कानून में किए गए प्रावधान के तहत सूचना अधिकारी एवं कतारगाम जोन के डिप्टी इंजीनियर कमलेश सी. चौहाण को यह जानकारी 30 दिन में देनी थी. उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी और दो महीने बाद अर्जी को शहर विकास विभाग में भेज दिया.

सूचना अधिकारी के इस रवैये से नाराज होकर राजू ने अपील अधिकारी के समक्ष गुहार लगाई थी, लेकिन यहां से भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने गुजरात सूचना आयोग में इसकी शिकायत की. गुजरात सूचना आयोग की ओर से सुनवाई के बाद तय समय में जानकारी नहीं देने पर सूचना अधिकारी कमलेश सी. चौहाण को दोषी मानते हुए उस पर 2500 रुपए का जुर्माना लगाया है. साथ ही साथ आयोग ने 15 दिन में जानकारी नि:शुल्क मुहैया करवाने का आदेश दिया है.

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