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धमण-3 वेंटिलेटर पर लगे आरोपों का कंपनी के मालिक ने किया खंडन

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  • ज्योति सीएनसी के मालिक का दावा केंद्र सरकार ने धमण-3 को दी है मंजूरी
    धमण-3 वेंटिलेटर ने सभी टेस्ट पास कर लिए हैं: पराक्रम सिंह जडेजा
    केंद्र सरकार ने धमण-3 का 5000 वेंटिलेटर खरीदने का दिया है ऑर्डर

राजकोट: धमण -3 वेंटिलेटर का मुद्दा कोरोना संकटकाल में गुजरात में चर्चा का विषय बन गया था. ऐसे में धमण -3 वेंटिलेटर के साथ विवाद जुड़ने के बाद इस मामले को लेकर आरटीआई की गई थी.

इस RTI के जवाब में आज राजकोट की जानी-मानी कंपनी ज्योति सीएनसी की ओर से एक बयान जारी किया गया है.

ज्योति सीएनसी के मालिक पराक्रम सिंह जडेजा ने धमण-3 मामले को लेकर आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दावा किया की धमण-3 को केंद्र सरकार द्वारा मंजूर किया था.

उन्होंने कहा, “धमण-3 के संबंध की गई आरटीआई में गलत व्याख्या की गई है. धमण परीक्षण में पास हो चुका है.”

धमण-3 को दी है मंजूरी केंद्र सरकार ने मंजूरी 

पराक्रम सिंह जडेजा ने एक बयान में कहा, “राजकोट में बने धमण-3 वेंटिलेटर में सभी परीक्षण पास कर लिए हैं. धमण -3 को लेकर विवाद खड़ा किया गया था लेकिन आज भी धमण का कई ऑर्डर पर कंपनी के पास हैं.

अगले 2 से 3 महीनों में 5000 धमण -3 (वेंटिलेटर) तैयार कर सरकार को दिए जाएंगे. धमण -3 को जुलाई में परीक्षण के लिए भेजा गया था. ”

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केंद्र सरकार ने 5,000 वेंटिलेटर का आदेश दिया

राजकोट में बनने वाले धमण-3 के खिलाफ की गई आरटीआई मामले को लेकर खुलासा करते हुए, ज्योति सीएनसी के मालिक पराक्रम सिंह जडेजा ने कहा, “इस संबंध में की गई आरटीआई तोड़मरोड़ कर पेश किया गया था.

केंद्र सरकार ने धमण-3 के 5000 वेंटिलेटर खरीदने का आदेश दिया है. आरटीआई में राजकोट के धमन -3 वेंटिलेटर के बारे में कोई उल्लेख नहीं किया गया था कि धमण -3 विफल हो गया है.

धमण-3 ने आज पूरा ट्रायल पास कर लिया है.”

क्या है धमण-1 का विवाद?

उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा, “कोरोना संकट के दौरान सीमित संख्या में वेंटिलेटर देश में उपलब्ध थे. जिसकी वजह से उस समय देश में चिंताजनक स्थिति पैदा हो गई थी.

उस समय ज्योति सीएनसी ने धमण वेंटिलेटर के निर्माण का विचार किया गया था. लॉकडाउन के दौरान, 150 लोगों की एक टीम ने वेंटिलेटर का निर्माण शुरू किया था.

ज्योति सीएनसी के खिलाफ धमण-1 फेल होने का आरोप लगाया गया था. लेकिन फिलहाल देश में लगभग 1,200 धमण-1 संचालित हैं.

धमण वेंटिलेटर को जल्द ही मेक्सिको और ब्राजील भी निर्यात किए जाएंगे. धमण-1 में कोई दोष नहीं था.

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