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कोरोना काल में मिसाल बनीं योगिता की निर्मम हत्या, सिरफिरे डॉक्टर ने कबूला जुर्म

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आगरा सरोजनी नगर मेडिकल कॉलेज की एमएस की छात्रा जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या से हर कोई हैरान है. फिलहाल मामले में आरोपी विवेक तिवारी ने हत्या की बात कबूल कर ली है.
गुरुवार सुबह उसने पुलिस को बताया कि मैं योगिता से शादी करना चाहता था.
मगर, योगिता जल्दी शादी करने को कह रही थी.
आरोपी ने उससे कहा था कि बहन की शादी के बाद वह शादी कर लेगा. इस बात को लेकर विवाद चल रहा था।.

योगिता को मेडिकल कॉलेज के अंदर उनके काम, व्यवहार और समर्पण को सबलोग याद कर रहे हैं.

बच्चों की डिलेवरी कराकर जीता था दिल

डॉक्टर योगिता गौतम ने ही उत्तर प्रदेश में सबसे पहले कोरोना मरीज को लेबर रूम में ले जाकर डिलीवरी कराई थी. अप्रैल के महीने में जब हर इंसान कोविड-19 से घबरा रहा था. तब डॉ योगिता ने कोविड-19 जैसी खतरनाक बीमारी से बिना डरे कोरोना संक्रमित महिला का पहला सिजेरियन ऑपरेशन किया.

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एक स्वस्थ बच्चे की डिलीवरी करा कर परिवार को सुखद अनुभूति कराई.
ये उस वक्त की बात है जब कोविड-19 संक्रमण से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ था.
एसएन मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 अस्पताल बनाया गया था.
डॉक्टर योगिता गौतम को उस टीम का सदस्य बनाया गया जिस टीम के कंधों पर महिलाओं के प्रसव कराए जाने की जिम्मेदारी थी.

लेकिन कई बच्चों को मां की गोद में पहुंचाने वाली डॉ योगिता गौतम अब इस दुनिया में नहीं हैं.

शादी से इनकार करने पर कत्ल

शादी से इनकार करने पर सिरफिरे डॉक्टर ने उनका कत्ल कर दिया है.
जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या के मामले में आरोपी विवेक तिवारी ने हत्या की बात कबूल कर ली है.
आरोपी ने उससे कहा था कि बहन की शादी के बाद वह शादी कर लेगा. इस बात को लेकर विवाद चल रहा था.

कुछ दिन पहले योगिता ने उससे बात करना भी बंद कर दिया था.
इस दौरान उसका मोबाइल भी व्यस्त रहता था.
यही कारण था कि वो उस पर शक भी करने लगा. मंगलवार को एक बार मिलने के बहाने आया था.
इस दौरान ही कार में दोनों के बीच झगड़ा हो गया.

झगड़े के दौरान उसने योगिता का गला दबा दिया.
योगिता की सांसे चल रही थीं, तो आरोपी ने गर्दन पर चाकू मार दिया.
शव को फेंकने के बाद लकड़ी डाली, जिससे लोग देख न पाएं. जलाने की कोशिश में भी था, लेकिन जला नहीं पाया.

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