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अपने सदाबहार दोस्त को चीन भेज रहा था मिसाइल का सामान, कंडला पोर्ट पर पकड़ी गई जहाज

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चीन इन दिनों कोरोना वायरस से जूझ रहा है. हर दिन सैकड़ो की तादाद में चीन के लोगों की मौत हो रही है लेकिन चीन अपने सदाबहार दोस्त को चोरी-छिपे परमाणु शक्ति संपन्न करने में लगा है. भारतीय कस्टम विभाग के अधिकारियों ने गुजरात के कांडला बंदरगाह पर चीन के एक जहाज को कब्जे में लिया है. जहाज पर हांगकांग का झंडा लगा है और वह कराची के कासिम बंदरगाह जा रहा था. कस्टम द्वारा पकड़े गए जहाज में मिसाइल लांच का सामान मिला है. कराची जा रहे इस जहाज को 3 फरवरी को पकड़ा गया. कांडला बंदरगाह पर डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं. डीआरडीओ जल्द ही नाभिकीय वैज्ञानिकों की एक टीम भी यहां भेजेगी, ताकि इस मामले की तह तक पहुंचा जा सके.

बताया जा रहा है कि यह जहाज चीन के जियांग्सू प्रांत के यांग्त्से नदी से चला था. कांडला बंदरगाह पर इसे रोका गया. इस शिप की जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा के उच्च स्तरीय अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों को भी दे दी गई है. विदेश मंत्रालय ने इस जहाज के बारे में जानकारी देने से मना कर दिया है. हालांकि, ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जहाज का नाम ‘दा क्वी योन’ है, जिस पर हांगकांग का झंडा लगा हुआ है. डीआरडीओ के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वैज्ञानिकों का एक दल जल्द कांडला पहुंचकर इसकी जांच करेगा. अगर यह टीम भी पहले टीम की जांच को सही करार देती है, तो कस्टम इस जहाज को सीज़ कर देगा.

सभी लिस्टेड शिप की गतिविधियों की मैपिंग करने वाली वेबसाइट marinetraffic.com के मुताबिक, ‘दा क्वी योन’ शिप चीन के जियांग्सू प्रांत से 17 जनवरी 2020 को रवाना हुई थी. 3 फरवरी 2020 से इसकी लोकेशन कांडला बंदरगाह पर ही है. इस जहाज का आकार 166.5×27.4 बताया जा रहा है और इसका वजन 28,341 टन है. बंदरगाह की जैटी-15 पर ये जहाज खड़ा है, इसमें 22 क्रू मेंबर सवार बताए जा रहे हैं. इस जहाज के कार्गो में ‘ऑटो क्लेव’ मिला है. यह एक खास तरह का बक्सा होता है, जिसमें नाभिकीय पदार्थ ले जाए जाते हैं. हालांकि इसका इस्तेमाल सैन्य और नागरिक कामों दोनों के लिए होता है.