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अहमदाबाद में करोड़पति बना फकीर, तालाबंदी के बीच राशन की मांग अब होगी कार्रवाई

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अहमदाबाद: देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के लिए 2 मई तक देशव्यापी तालाबंदी लागू की गई है. इस दौरान सरकार की कोशिश है कि कोई भी आदमी भूखा ना सोये इसी मकसद को लेकर गुजरात सरकार गरीबों को फ्री में राशन दे रही है. साथ ही साथ कई सामाजिक संस्था से जुड़े लोग भी गरीब इलाकों में जाकर लोगों को खाना खिला रहे हैं. ऐसे में गुजरात के अहमदाबाद में एक ऐसा मामला सामने आए जिसे सुनकर लोग हैरान-परेशान हो गए हैं जब एक करोड़पति दंपती जिला कंट्रोल रुम में फोन कर राशन किट की मांग की. मामला सामने आने के बाद जिला कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी कर इस दंपति से जवाब तलब किया है.

मिल रही जानकारी के अनुसार पिछले 17 अप्रैल को श्यामल चार रास्ते के पास मौजूद सचिन टावर निवासी दीपक शाह और उनकी पत्नी किरन शाह ने कंट्रोल रूम में फोन कर बताय़ा कि उनके यहां खाने के लिए कुछ भी नहीं है. इसकी जानकारी मिलते ही वेजलपुर सीटी तहसीलदार कार्यालय द्वारा उनके घर भोजन, राशन की किट और फूड पैकेट देने का आदेश दिया गया.

भोजन और राशन की किट लेकर पहुंची टीम द्वारा पूछताछ से पता चला कि किरन शाह सेवानिवृत शिक्षिका है. वे जिस फ्लैट में रहती है, उसकी कीमत तकरीबन एक करोड़ रुपये है. उनका बेटा भी बड़े पद पर नौकरी कर रहा है. इस दंपती ने एपीएल-1 राशनकार्ड द्वारा मुफ्त में अनाज भी लिया है.

उसके बाद राशन किट देने आने वाली टीम ने सोचा कि शायद उम्र होने की वजह से ये लोग तालाबंदी के बीच बाहर नहीं जा पाते हों इसलिए मदद के लिए फोन लेकिन जब टीम के लोगों ने घर की जांच की तो पता चला कि उनके घर में जरूरत का हर समान पर्याप्त मात्रा में मौजूद है.

अहमदाबाद पश्चिम क्षेत्र के डिप्टी कलेक्टर जेबी देसाई ने बताया कि उनके रसोई घर में अनाज, तेल, मसाला, दाल, दलहन तथा आवश्यक सामान मौजूद है. इस दंपती ने फूड पैकेट, राशन का किट प्राप्त करने के लिए झूठमूठ का ही फोन किया है. जिला कलेक्टर केके निराला के आदेश पर दंपती के खिलाफ नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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