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किसानों के आंदोलन का 27 वां दिन, सरकार से नहीं मिला बैठक का निमंत्रण: राकेश टिकैत

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मोदी सरकार द्वारा लागू तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन 27 वें दिन में प्रवेश कर चुका है. दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं.

किसानों ने सरकार के संशोधन प्रस्ताव को ठुकरा कर आंदोलन को तेज करने का फैसला किया था.

केंद्र सरकार किसानों के साथ बैठक कर कोई बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है और इसलिए एक बार फिर से बैठक के लिए निमंत्रण दिया है. farmer movement 27th day 

किसानों के आंदोलन का 27 वां दिन

कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसान केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. आंदोलन को तेज करने के लिए अब किसानों ने भूख हड़ताल पर उतरने का फैसला किया है.

किसान समूह बारी-बारी से 24 घंटों के भूख हड़ताल पर बैठना शुरू कर दिया है. सरकार और किसानों के बीच 5 दौर की बातचीत हो चुकी है.

लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला इस बीच सरकार ने फिर किसानों से बातचीत करने का प्रस्ताव भेजा है.

सरकार से नहीं मिला बैठक का निमंत्रण: राकेश टिकैत farmer movement 27th day 

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने एक बार फिर से कहा कि सरकार जब तक तीनों कानूनों को रद्द नहीं करती किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.

टिकैत ने कहा कि हमें कृषि मंत्री से अभी तक कोई बैठक का निमंत्रण नहीं मिला है. सभी मुद्दों को हल करने में एक महीने से अधिक समय लगेगा. सरकार हमारे पास आएगी.

बुजुर्ग किसान ने की आत्महत्या की कोशिश farmer movement 27th day 

सिंघु बॉर्डर पर सोमवार को एक 65 वर्षीय किसान ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. आत्महत्या की कोशिश करने वाले किसान का नाम निरंजन सिंह और वह पंजाब के तरनतारन के रहने वाला है.

सोमवार दोपहर को निरंजन सिंह ने जहर खा लिया था. जानकारी मिलने के बाद उसे आनन-फानन रोहतक पीजीआई में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. जहां उसकी हालत स्थित बताई जा रही है.

इससे पहले पिछले दिनों एक धार्मिक नेता ने भी खुद को गोली मारकर सिंघू बॉर्डर पर आत्महत्या कर ली थी. farmer movement 27th day 

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