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किसानों के आंदोलन का 21 वां दिन, दिल्ली-नोएडा लिंक रोड ब्लॉक

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कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन 21 वें दिन भी जारी है. दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर किसान डेरा जमा कर आरपार की लड़ाई के लिए बैठे हैं. किसान जहां कृषि कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

वहीं केंद्र सरकार किसानों के साथ बैठक कर कोई बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है. लेकिन न तो सरकार कानून वापस लेने को तैयार है और न ही किसान पीछे हटने को तैयार.

केंद्र सरकार को जहां एक तरफ किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है वहीं विपक्ष भी इस मामले पर हमलावर हो गई है. Farmer Road block

किसानों के आंदोलन का 21 वां दिन Farmer Road block

बीते दिनों सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर किसान नेताओं ने साफ कर दिया था कि कानून को रद्द करने से नीचे उन्हे कुछ और मंजूर नहीं. किसानों ने उसी दिन ऐलान कर दिया था कि अब आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा.

इस बीच जानकारी मिल रही है कि नोएडा में विरोध प्रदर्शन करते हुए किसानों ने दिल्ली की ओर चीला बॉर्डर पर नोएडा लिंक रोड को ब्लॉक कर दिया.

किसान नेताओं ने एक बार फिर से मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हमें सरकार की नीयत पर शक है.

भाजपा ने विपक्ष पर लगाया आरोप Farmer Road block

भाजपा नेताओं से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक, कई मौकों पर कह चुके हैं कि विपक्ष किसानों को भड़का रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लोग बिल का विरोध करते हैं वे बिचौलियों के साथ हैं.

वह किसानों को उनके हितों को समझने नहीं देते हैं. बिचौलियों के माध्यम से मुनाफाखोरी करने वालों को किसानों का चिंता नहीं है.

इतना ही नहीं कुछ नेता तो इस आंदोलन के पीछे पाकिस्तान और चीन का हाथ भी करार दे चुके हैं. Farmer Road block

किसान नेताओं ने अब खुलकर मोदी सरकार के खिलाफ बोलने लगे हैं. किसान नेताओं का कहना है सर्दी की सीजन में किसान खुले आसमान के नीचे बीते 21 दिनों से बैठे आंदोलन कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी तक किसानों को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा वह रेडियो पर मन की बात जरूर करते हैं लेकिन किसानों की मन की बात नहीं करते. Farmer Road block

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