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किसानों का PM मोदी और कृषि मंत्री को खत, कहा- सियासी पार्टी का आंदोलन से नहीं कोई संबंध

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किसानों के आंदोलन का आज 25 वां दिन है किसान कृषि कानून को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं. भाजपा लगातार विपक्ष पर आरोप लगा रही है कि किसानों को गुमराह किया जा रहा है.

बीते दिनों कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के नाम खुला खत लिखा था. माना जा रहा है कि 8 पन्नों के इस खत के जरिए किसानों के भ्रम को दूर करने के लिए लिखी थी. Farmers Organization PM letter

इतना ही नहीं तोमर ने विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया था. Farmers Organization PM letter

किसान संगठनों ने PM मोदी और कृषि मंत्री को लिखा खत Farmers Organization PM letter

इस बीच जानकारी सामने आ रही है कि किसान यूनियन के नेताओं ने पीएम मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को एक पत्र लिखकर साफ किया है कि किसानों के आंदोलन के पीछे किसी भी सियासी पार्टी का कोई रिश्ता नहीं है.

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने कल को पीएम मोदी और तोमर को खत लिखकर कहा कि सरकार गलत दिशा में सोच रही है कि इस आंदोलन के पीछ विपक्ष का हाथ है.

भाजपा नेता दे चुके हैं विवादित बयान Farmers Organization PM letter

भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से लेकर केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के उपमुख्यमंत्री तक किसानों के आंदोलन को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं. Farmers Organization PM letter

इसी कड़ी में बीते दिनों महाराष्ट्र के जालना जिले के बदनपुर तालुका के कोलते ताकली में एक स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा कि इससे पहले मुसलमानों CAA और NRC के मामले पर गुमराह किया जा रहा था.

लेकिन अब किसानों को बताया जा रहा था कि नए कानून की वजह से उनको भारी नुकसान का सामना करना पड़गा. Farmers Organization PM letter

इतना ही नहीं दानवे ने दावा करते हुए कहा कि जो आंदोलन चल रहा है वह किसानों का नहीं है बल्कि इसके पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ है.

मोदी सरकार के साथ कई दौर की बातचीत और सुप्रीम कोर्ट के दखल के बावजूद किसानों का आंदोलन 25 वें दिन में प्रवेश कर चुका है. Farmers Organization PM letter

विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर इस कानून को लेकर हमले कर रही हैं और इस बिल को किसान विरोधी तथा कॉरपोरेट घरानों के फायदे वाला बता रही है.

इसके जवाब में मोदी सरकार का कहना है कि विपक्ष किसानों को गुमराह कर रही है. ना ही मोदी सरकार कानून को वापस लेने का प्लान बना रही है ना ही किसान आंदोलन को खत्म करने का इरादा दिखा रहे हैं.

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