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कृषि मंत्री ने कहा- हम किसान यूनियन से बात करने को तैयार, सीएम खट्टर ने झाड़ा पल्ला

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दिल्ली कूच कर रहे किसानों (Farmers Protest) का जत्था सरकार की बात सुनने को तैयार नहीं है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, “भारत सरकार किसानों (Farmers Protest) की समस्याओं के लिए किसान यूनियन से बात करने के लिए पूरी तरह तैयार है. हमने उनको 3 दिसंबर का आमंत्रण भेजा है और मुझे आशा है कि वो सब लोग आएंगे और इस बातचीत के जरिए रास्ता ढूढेंगे.”

साथ ही कृषि मंत्री ने विरोधी दलों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मैं राजनीतिक दल के लोगों को कहना चाहता हूं कि अगर उनको राजनीति करनी है तो अपने नाम पर राजनीति करें, लेकिन किसानों के नाम पर सियासत नहीं होनी चाहिए.

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बता दें कि पंजाब से हरियाणा होते हुए किसानों (Farmers Protest) का दिल्ली कूच करना अब भी जारी है. पंजाब की किसान यूनियन उग्राहा के हज़ारों ट्रैक्टर अभी भी रोहतक होते हुए बहादुरगढ़ की तरफ लगातार बढ़ रहे हैं.

खट्टर बोले- ये हमारे किसान नहीं

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar lal Khattar) ने किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि ये उनके राज्य के किसान नहीं है. विरोध प्रदर्शनों के लिए पंजाब जिम्मेदार है. खट्टर ने हरियाणा पुलिस को संयम बरतने पर धन्यवाद दिया है. हालांकि हरियाणा पुलिस पर किसानों (Farmers Protest) के ऊपर लाठीचार्ज करने और आंसू गैस के गोले छोड़ने को लेकर आलोचना हो रही है. उन्होंने पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) पर हमला बोला है.

खट्टर ने कहा, “पंजाब के किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि हरियाणा के किसान इससे दूर रहे हैं. इसके लिए उनका आभार है. पुलिस भी संयम बरत रही है. जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री विरोध प्रदर्शनों को हवा दे रहे हैं. इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar lal Khattar) ने गुरुवार को भी ट्विटर पर अमरिंदर सिंह  (Amarinder Singh) पर निशाना साधा था.

11 किसान नेता नामजद

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दिल्ली कूच करने वाले किसानों (Farmers Protest) के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. ट्यूकर बॉर्डर पर बैरिकेड तोड़ने पर पंजाब के किसानों के खिलाफ कुरुक्षेत्र पेहवा के साथ-साथ शाहाबाद में भी डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस से उलझने, बैरिकेड तोड़ने और हत्या के प्रयास में 11 किसान नेता नामजद किए गए हैं.

वहीं पेहवा में 6 किसान नेता नामजद किए गए हैं. नेशनल हाइवे पर त्योडा के पास बैरिकेडिंग तोड़ने, अधिकारियों पर गाड़ी चढ़ाने और रास्ता रोकने के आरोप में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी और प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस समेत पांच नेता नामजद किए गए हैं. पंजाब के बलबीर सिंह राजू समेत हजारों किसानों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है.

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