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पुलवामा हमला की पहली बसरी: शहीदों के परिवार से किये गए वादे कितने हुए पूरे?

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पुलवामा हमले के एक साल बीत गए. शहीद महेश कुमार यादव के घर परिवार को अब तक सुविधाएं नहीं मिलीं. शहीद की पत्नी संजू देवी का कहना है कि शासन-प्रशासन की ओर से इस परिवार को कोई सुधि नहीं ली गई. शहीद की पत्नी ने बताया कि राजनेताओं, शासन तथा प्रशासन द्वारा किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए. नेताओं, शासन तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा डेढ़ एकड़ जमीन देने का वादा किया गया था, लेकिन करीब 11 माह गुजरने के बाद भी जमीन का कोई कागज हमें नहीं मिला. घर तक पहुंचने के लिए सड़क तो मिली लेकिन बड़ी बड़ी गिट्टियां बिछाकर मार्ग अधूरा छोड़ दिया गया. जनप्रतिनिधियों ने शौचालय, सोलर लाइट और शहीद गेट तथा बच्चों की पढ़ाई कराने का वादा किया था, लेकिन अब तक किसी भी वादे के पूरे होने की उम्मीद नहीं दिख रही है?

पुलवामा हमला में शहीद महेश कुमार यादव के दोनों बच्चे स्कूल जाते हैं. शहीद की पत्नी संजू देवी ने बताया कि दोनों बेटों समर और साहिल को वह अपने खर्चे पर पास के ही एक विद्यालय में पढ़ाती है. इतना ही नहीं शहीद के बुजुर्ग माता शांति देवी व पिता राजकुमार यादव को पेंशन 11 माह बीत जाने पर अभी तक नहीं मिल रही है. पेंशन नहीं मिलने से शहीद के बुजुर्ग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए है. प्रशासन के नुमाइंदों ने शहीद महेश कुमार छोटे भाई अमरेश कुमार की नौकरी के कागजात को तो कई बार लिया लेकिन बार बार बहाना बनाकर टालते रहते हैं.

पुलवामा आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत अपने बहादुर जवानों की शहादत को कभी नहीं भूलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पुलवामा हमले में जान गंवाने वाले वे असाधारण व्यक्ति थे जिन्होंने हमारे राष्ट्र की सेवा और रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. लेकिन सवाल ये उठता है कि देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले शहीदों के परिवार की सुरक्षा सरकार कब तंय करेगी.