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गुजरात का गोंडल शहर बना मिसाल, मुस्लिम दुकान मालिक ने ‌हिंदू किरायेदारों का माफ किया किराया

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राजकोट: देश में कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाऊन के बाद से हर प्रकार के धंधा-रोजगार की हालत खस्ता है. प्रशासन और सेवाभावी संस्थाएं अपने स्तर पर लोगों को राहत पहुंचाने के प्रयास कर रही हैं. लोगों को राशन-किट और फुड पैकेट्स वितरित किये जा रहे हैं. बावजूद जितनी मदद होनी चाहिए वह लोगों को नहीं मिल पा रही जिसकी वजह से अब कई दिहाड़ी मजदूर अपने वतन जाने के लिए हंगामा कर रहे हैं. इतना ही नहीं सरकार लोगों से अपील कर रही है कि ऐसे मौके पर खासतौर से किरायेदारों को परेशान ना किया जाए.

उधर लॉकडाऊन का असर ऐसे लोगों पर भी विशेष पड़ा है जो किराये के मकानों में रहते हैं या जिनकी व्यावसायिक प्रतिष्ठान किराये के हैं. ऐसे लोगों को बिना व्यापार के किराये के भुगतान में स्वाभाविक रूप से दिक्कत आ रही है. सरकार ने भी मकान-दुकान मालिकों से आग्रह किया है कि लॉकडाऊन के समय में वे किराया ना वसूलें.

इसी परिप्रेक्ष्य में गुजरात के राजकोट में एक मुस्लिम बंधु का उदार व्य‌क्तित्व देखने को मिला है. इन्होंने अपनी तीन दुकानें हिंदु भाइयों को किराये पर दे रखी हैं. इन्होंने इनका किराया ही न सिर्फ माफ किया है, बल्कि 1600 लोगों के लिये अपने खर्च पर भोजन की व्यवस्था भी मुहैया करवाई.

रिपोर्ट के अनुसार राजकोट के गोंडल के हार्द समान क्षेत्र में रहने वाले गफ्फारभाई धाडा तीन दुकानों के मालिक हैं. उनकी दुकान में तीन हिंदु व्यापारी अपना गुजारा चलाते हैं. लॉकडाऊन की अवस्था में उन्होंने तीनों का किराया माफ कर दिया. शहर भर में गफ्फारभाई के इस उमदा काम की सराहना चौतरफा हो रही है. बता दें कि गोंडल नगरपालिका के शासक पक्ष के नेता राजेन्द्र सिंह जाडेजा द्वारा स्लम डे मिशन के अंतर्गत गरीब लोगों के लिये सेवाकीय कार्य किया गया है. ऐसे में गफ्फारभाई भी गरीबों की सेवा के इस कार्य में जुट गये हैं.

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