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त्योहारों से पहले सरकारी कर्मचारियों को मोदी सरकार ने दिया बड़ा तोहफा

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  • अर्थव्यवस्था को पटरी पर लगाने के लिए डिमांड बढ़ाने का प्रस्ताव पास
  • डिमांड को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने उठाए चार अहम कदम
  • त्योहार से पहले सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा

कोरोना महामारी की वजह से अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए वित्त मंत्रालय की ओर से कुछ प्रस्ताव पेश किए गए.

लेकिन इस बीच मोदी सरकार ने दिवाली और दहशहरा के त्योहार से पहले सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है.

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ाने के लिए दो प्रस्ताव पेश किए गए हैं.

अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए डिमांड बढ़ाने का प्रस्ताव पास

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने माना कि कोरोना की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था चरमरा गई है.

वित्त मंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को एक बार फिर से पटरी पर लगाने के लिए डिमांड बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया है. केंद्र सरकार ने इसके लिए कुल चार कदम उठाये हैं.

पहला सरकारी कर्मचारियों के एलटीसी के बदले कैश वाउचर्स. दूसरा कर्मचारियों को फेस्टिवल एडवांस देना. तीसरा राज्य सरकारों को 50 साल तक के लिए बिना ब्याज पर कर्ज देने की व्यवस्था.

चौथा और आखरी बजट में तय पूंजीगत व्यय के अलावा केंद्र द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास आदि पर 25 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करना.

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पहला एलटीसी कैश वाउचर स्कीम दूसरा स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम इस प्रस्ताव के तहत सरकारी कर्मचारियों को दस हजार रुपया फेस्टिवल के लिए एडवांस दिया जाएगा.

साथ ही एलटीसी स्कीम के तहत टिकट किराया का भुगतान नकद में किया जाएगा. इस सिलसिले में जानकारी देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस स्कीम का फायदा राज्य सरकार के सरकारी कर्मचारी भी उठा सकते हैं.

लेकिन पहले राज्य की सरकारों को इस प्रस्ताव को मानना पड़ेगा.

इस मौके पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस योजना से कुल 8000 करोड़ रुपया की कंज्यूमर डिमांड बढ़ेगी. जिसका सीधा फायदा देश की अर्थव्यवस्था को होगा.

उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर 4000 करोड़ रुपया खर्च होगा.

अगर राज्य सरकारें इसे अपनाती हैं तो इसका खर्च बढ़कर 8000 करोड़ हो जाएंगी.

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