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भारत सरकार ने कहा- घर पर बना मास्क भी कोरोना से बचा सकता है

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विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिका के बाद अब भारत सरकार ने भी लोगों से घर से बाहर निकलने से पहले मास्क पहनने की सलाह दी है. खास बात यह है कि सरकार ने कहा है कि स्वस्थ लोग घर पर बने कपड़े के मास्क से खुद को कोरोना वायरस से बचा सकते हैं. घर पर इसे तैयार करने को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. हालांकि यह स्वास्थ्य कर्मियों और कोरोना के मरीजों की देखभाल में जुटे लोगों के लिए नहीं है.

भारत में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इस बीच सरकार ने शनिवार एक परामर्श जारी कर कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिये लोगों से ‘घर पर बना मास्क’ लगाने को कहा है खास तौर पर तब जब वे घरों से बाहर निकलें.

‘चेहरे और मुंह के बचाव के लिए घर में बने सुरक्षा कवर के इस्तेमाल पर परामर्श में सरकार ने कहा कि ऐसे मास्क के इस्तेमाल से बड़े पैमाने पर समुदाय का बचाव होगा और कई देशों ने घर में बने मास्क के आम लोगों के लिए फायदेमंद होने का दावा किया है.

इसलिए है जरूरी

सरकार ने कहा है कि कोविड-19 वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल रहा है. वायरस से युक्त बूदें जल्दी से खूकर छोटी बूंदों के नाभिक का निर्माण करती हैं, ये बूंदें हवा में रहती हैं और फिर विभिन्न सतहों पर उतर जाती हैं. संक्रमित व्यक्ति की वजह से कोरोना वायरस की बूंदें हवा में रुक जाती हैं. मास्क इन बूंदों की स्वसन प्रणाली में प्रवेश करने की संभावना को कम करता है. सरकार की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि भारत में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मास्क पहनना अत्यधिक आवश्यक है.

भारत में कोरोना का आतंक

कोरोना वायरस का कहर देश में लगातार बढ़ता जा रहा है। आज महाराष्ट्र में 47, उत्तर प्रदेश के आगरा में 25, राजस्थान में 19, गुजरात में 10, मध्यप्रदेश में छह और गोवा में एक नए मामले सामने आए हैं। वहीं, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु में एक-एक और मध्यप्रदेश में तीन की मौत हो गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या बढ़कर 2902 हो गई है। इनमें 2650 सक्रिय हैं, जिनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं 183 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 68 लोगों की मौत हुई है.

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