Gujarat Exclusive > यूथ > नेपोटिज्म की बहस में कूदे गोविंदा, कहा- 4-5 लोग चला रहे हैं फिल्म इंडस्ट्री

नेपोटिज्म की बहस में कूदे गोविंदा, कहा- 4-5 लोग चला रहे हैं फिल्म इंडस्ट्री

0
816

बॉलीवुड में नेपोटिज्म की बहस में अब दिग्गज अभिनेता गोविंदा भी कूद पड़े हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाने की अपनी जर्नी से जुड़ी कुछ बातें शेयर की हैं. गोविंदा ने यह कहकर नई बहस छेड़ दी है कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री का बिजनेस 4-5 लोग ही मिलकर चला रहे हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में गोविंदा ने बताया कि कैसे पेरेंट्स निर्मला देवी और अरुण कुमार आहूजा के एक्टर होने के बावजूद उन्हें इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी. इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड में गुटबाजी पर भी कुछ बातें शेयर कीं.

गोविंदा ने अपने संघर्ष के बारे में बताया, ‘मेरे 21 साल की उम्र में एक्टर बनने और उन्हें फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के बीच 33 साल का अंतर था. जिस समय मैंने इंडस्ट्री में एंट्री की, उस समय कई नए प्रोड्यूसर आए थे जो मेरे परिवार के बारे में नहीं जानते थे. मुझे उनसे मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता. मैं जानता था कि वह इस तरह बात क्यों करते हैं लेकिन मैंने खुद पर और अपनी कला पर उनकी इन बातों को हावी नहीं होने दिया.

बहुत कलाकार बहुत सी चीजों से गुजरे

अभिनेता ने आगे बताया, मैं जानता था कि राज कपूर जी, जीतेंद्र जी, अमीताभ बच्चन जी, विनोद खन्ना जी और राजेश खन्ना जी भी बहुत सी चीजों से गुजरे थे. इस इंडस्ट्री में, आपके पास सही नजरिया होना जरूरी है. या तो आप मेहनत करें या फिर उन बातों पर ध्यान दें कि लोग आपके बारे में क्या कहते हैं.’

गोविंदा ने बॉलीवुड कैम्प को लेकर कहा, ‘पहले जो भी टैलेंटेड होता था तो उसे काम मिल जाता था. सभी फिल्मों को थिएटर पर पूरा मौका मिलता था. लेकिन अब, 4-5 लोग पूरे कारोबार को डिक्टेट कर रहे हैं. जो लोग उनके करीबी नहीं है उनकी फिल्मों का भाग्य यह तय करते हैं. मेरी कुछ अच्छी फिल्मों को अच्छी रिलीज नहीं मिल पाई थी. लेकिन अब चीजें बदल रही हैं.’

सुशांत की आत्महत्या के बाद छीड़ी बहस

मालूम हो कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद से बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस छीड़ी हुई है. कई फिल्म कलाकार और निर्देश इस बहस में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. कंगना रनाऊत ने भी बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर आवाज उठाई है. इसके अलावा निर्देश शेखर कपूर ने भी इसको लेकर सवाल खड़े किए थे.

बड़ी खबर: ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन को मानव परीक्षण में मिली सफलता