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मौलवियों के सहारे AIMIM लेकिन क्या उलेमाओं को मुस्लिमों की परवाह है?

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अभिषेक पाण्डेय, अहमदाबाद: स्थानीय निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद राजनीतिक पार्टियां जीत का दावा कर चुनावी सरगर्मियों में जुट गई हैं. Gujarat AIMIM Muslim Ulema

गुजरात में लंबे अरसे बाद ऐसा हो रहा है जब स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM चुनावी मैदान में अपना दमखम दिखाते हुए नजर आ रही हैं. Gujarat AIMIM Muslim Ulema

भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी चुनावों से पहले जहां एक तरफ जमीनी हकीकत को समझने की कोशिश कर रही है, और बूथ लेवल पर काम कर स्थानिक मुद्दा और स्थानिक लोगों की परेशानी को समझने की कोशिश कर रही हैं. वहीं दूसरी तरफ हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी मुस्लिम उलेमाओं के सहारे चुनाव जीतने की कोशिश करती हुई नजर आ रही है.

ऐसा इसलिए कहना पड़ रहा है कि जिस पार्टी ने अभी तक गुजरात में अपने स्थानीय बॉडी की रचना नहीं की है. Gujarat AIMIM Muslim Ulema

उस पार्टी के अध्यक्ष और नेता अब गुजरात के मौलान और मौलवियों से समर्थन मांग कर अपनी सियासत को चमकाने की कोशिश कर रहे हैं.

ऐसे में सवाल ये उठता है कि अहमदाबाद के मौलवियों को सिर्फ ओवैसी और उनके पार्टी से मतलब है या फिर उन परेशानियों से भी जिससे मस्लिम इन दिनों दो-चार हो रहे हैं.

गुजरात के चुनावी मैदान में उतरने के ऐलान के साथ ही एम आई एम को लेकर मुस्लिम युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. Gujarat AIMIM Muslim Ulema

अभी कल की ही बात है अरवल्ली जिला के मोडासा में 50 से ज्यादा कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का साथ छोड़कर एम आई एम का दामन थाम लिया.

कांग्रेस के गढ़ कहे जा रहे मोडासा में पहली बार ओवैसी की पार्टी सेंध लगाने में कामयाब हुई है.

अगर मोडासा की बात की जाए तो मोडासा नगरपालिका में पिछले 25 सालों से भाजपा का शासन है. मोडासा में मुस्लिमों की संख्या ज्यादा होने की वजह से इस बार जहां मुस्लिमों के वोट कांग्रेस, AIMIM और आम आदमी पार्टी में बंट जाएंगे. वहीं बीजेपी के पक्ष में चुनाव एकतरफा जाने की पूरी संभावना खड़ी हो रही है. Gujarat AIMIM Muslim Ulema

जानकारी ऐसी भी मिल रही है कि असदुद्दीन ओवैसी 4 फरवरी को गुजरात का दौरा करने वाले हैं. इस दौरान वह अहमदाबाद के रिवर फ्रंट पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करने वाले हैं.

पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पहले यह सभा खानपुर इलाके में मौजूद जेपी चौक में होने वाला था. लेकिन पार्टी को उम्मीद है कि इसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहेंगे इसलिए अब जनसभा को रिवर फ्रंट पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है. Gujarat AIMIM Muslim Ulema

इतना ही नहीं ए आई एम आई एम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भरूच का भी दौरा करेंगे जहां उनकी पार्टी भरूच में छोटू वसावा की पार्टी बीटीपी के साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

इन सबसे हटकर असल खेल तो रात में शुरू होगा जब असदुद्दीन ओवैसी गुजरात के उलेमाओं के साथ ही साथ कांग्रेस के उन दिग्गज नेताओं से भी मुलाकात करेंगे जो अभी पार्टी से फिलहाल असंतुष्ट नजर आ रहे हैं. जानकारी ऐसी भी मिल रही है कि ओवैसी के आने के बाद कांग्रेस के कई दिग्गज नेता ए आई एम आई एम को ज्वाइन कर सकते हैं.

यह दिग्गज नेता फिलहाल इस बात पर ही अड़े हुए हैं कि ओवैसी के आने पर ही वह पार्टी में शामिल होंगे. Gujarat AIMIM Muslim Ulema

जानकारों की माने तो अभी गुजरात में ए आई एम आई एम को लेकर कोई माहौल बनता हुआ नजर नहीं आ रहा है.

ना ही पार्टी जिन लोगों के भरोसे गुजरात में सियासत चमकाने की कोशिश कर रही है वह लोग हरकत में नजर आ रहे हैं.

लेकिन अगर असदुद्दीन ओवैसी गुजरात का दौरा कर जनसभाओं को संबोधित करेंगे तो जाहिर सी बात है कि वह मुस्लिमों के धार्मिक भावना को उछाल कर ही अपनी सियासत को चमकाने की कोशिश करेंगे.

ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि जमालपुर से पूर्व विधायक साबिर काबलीवाला जो इन दिनों जमालपुर में ही गुमनाम है. Gujarat AIMIM Muslim Ulema

क्या वह ए आई एम आई एम को गुजरात में तीसरा मोर्चा बनाने में कामयाब हो पाएंगे?

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जमालपुर में गुमनाम काबलीवाला क्या AIMIM को गुजरात में तीसरा मोर्चा बना पाएंगे?