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गुजरात विधानसभा सत्र का आज तीसरा दिन, यह खास विधेयक होंगे पारित

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  • गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन
  • सदन दोपहर 12 बजे शुरू हुआ
  • विधानसभा के दूसरे दिन 5 सरकारी बिल किए गए पेश

गांधीनगर: कोरोना संकट के बीच गुजरात विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है. आज विधानसभा की कार्यवाही का तीसरा दिन है.

12 बजे से शुरू होने वाले विधानसभा के पटल पर आज 3 महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की जाएगी.

जिसमें गुजरात गुंडा और असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम विधेयक, अंबाजी क्षेत्र विकास और तीर्थ पर्यटन विनियमन विधेयक और बाल किशोर श्रम निषेध संशोधन विधेयक को पेश किया जाएगा.

इसके अलावा सुरेंद्रनगर में फसल क्षति सर्वे के सवालों पर भी चर्चा की जाएगी. मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना पर भी चर्चा की जाएगी.

  • इन 3 महत्वपूर्ण सरकारी विधेयकों को आज सदन में किया जाएगा पेश

    – गुजरात गुंडा और असामाजिक रोकथाम विधेयक

    – अंबाजी विकास और तीर्थयात्रा पर्यटन विनियमन विधेयक

    – बाल और किशोर श्रम निषेध विनियमन संशोधन विधेयक

उल्लेखनीय है कि विधानसभा की कार्यवाही के दूसरे दिन यानी कल सदन में 5 सरकारी विधेयक पेश किए गए थे. जबकि पहले दिन सदन में 3 विधेयक पारित किए गए थे.

दूसरे दिन सदन में प्रिवेंशन ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स गुजरात रिफॉर्म बिल, फैक्ट्री गुजरात रिफॉर्म बिल.

कॉन्ट्रैक्ट लेबर रेगुलेशन एंड एबोलिशन रिफॉर्म बिल और लेबर लॉ अमेंडमेंट बिल पेश किए गए.

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घोटाले का सदन में उठा मुद्दा

इसके अलावा गुजरात विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन फसल बीमा और मनरेगा घोटाले का मुद्दा सदन में उठा. घोटाले का मुद्दा सदन में उठने के बाद सीएम रुपाणी ने विपक्ष के सवालों का तीखा जवाब दिया.

विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धनानी ने सदन में भारी बारिश और सरकार के मुआवजे का मुद्दा उठाया.

परेश धनानी के सवाल का सीएम ने दिया जवाब

सदन में विपक्ष के नेता परेश धानानी के सवालों का जवाब देते हुए सीएम रूपाणी ने कहा, “परेशभाई कहते हैं कि 55 प्रतिशत प्रीमियम निजी कंपनी ले रही हैं.

इसलिए हम किसान सहायता योजना लेकर आए हैं. खरीफ फसले के लिए किसानों को लाभ मिलता था. दक्षिण गुजरात, कच्छ, सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात का पैटर्न अलग-अलग है.

जिसके बाद तय किया है कि अगर 10 इंच बारिश हुई है तो इसे दुष्काल माना जाएगा. फसल बीमा कंपनी प्रीमियम से कम भुगतान करती है.”

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