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फरार चल रहे सीरियल किलर को गुजरात ATS ने 12 सालों बाद गिरफ्तार किया

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अहमदाबाद: गुजरात एटीएस की टीम ने पिछले 12 साल से सूरत के एक भगोड़े सीरियल किलर को पांच लोगों की हत्या और लूट के मामले में गिरफ्तार किया है. पेट्रोल पंप मालिक के पुत्र असलम ने पुलिस से बचने के लिए लालाभाई पटेल का नाम रखकर सूरत के एक अस्पताल में ओटी स्टाफ के रूप में काम करना शुरू कर दिया था. इतना ही नहीं वह साथ में ही काम करने वाली महिला के साथ शादी कर लिया था. आरोपी की पत्नी को पुलिस के गिरफ्त में आने के बाद पता चला कि उसका पति एक सीरियल किलर है.

2008 और 2011 के बीच महिसागर, वडोदरा और पंचमहल जिलों में ट्रैक्टर चालकों के साथ मारपीट कर ट्रॉली और ट्रैक्टरों के लूट का मामला सामने आया था. आरोपियों ने लूट के इरादे से ड्राइवरों को मारकर लाश को नहर में फेंक दिया था. 5 ड्राइवर और कंडक्टर की हत्या कर 10 ट्रैक्टर, 12 ट्रॉली और एक बाइक को लूट लिया गया था. सीरियल किलिंग की इस घटना को बालासिनोर के पास देवचौकड़ी के पास मौजूद पेट्रोल पंप और ट्रैक्टर की एजेंसी चलाने वाले करीम शेख के पुत्र असलम शेख का नाम सामने आया था. इस मामले में शामिल कई अन्य लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था लेकिन असलम फरार हो गया था.

एटीएस पीआई आरके राजपूत, सीआर जादव और पीएसआई के. एम भुवा, डी. वी राठौर और के. एस पटेल की टीम को गुप्त सूचना मिली था कि असलम उर्फ लाला पटेल नाम बदलकर पुलिस से बचने के लिए सूरत के पॉश वेसू इलाके में रहता है और रांदेर इलाके में मौजूद शेल्बी अस्पताल में ओटी स्टाफ के रूप में काम करता है.

हत्या के बाद आरोपी अजमेर भाग गया, जहां सात दिन रुकने के बाद वह गोवा चला गया था. वहां पर वह एक होटल में नौकरी करने लगा. वहां से वापस आने के बाद वह सूरत के हजीरा में मजदूर के रूप में काम करने लगा. उसके बाद उसने सूरत के विभिन्न अस्पतालों में वार्ड बॉय, एक्स-रे तकनीशियन और ओटी स्टाफ के रूप में काम करता था.

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