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गुजरात सरकार ने की गलती, खामियाजा भुगत रहे राशन दुकानदार

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अहमदाबाद: देश में चल रहे तालाबंदी के बीच गरीबों को दो वक्त की रोटी घर बैठे मिल सके इसे लेकर गुजरात सरकार ने राज्य के तमाम बीपीएल कार्ड धारकों को मुफ्त में अनाज देने का ऐलान किया था. लेकिन मध्यम वर्ग के लोग जिनके पास कार्ड नहीं है वह इस योजना के लाभ से वंचित हो गए थे. जिसके बाद गुजरात सरकार ने दो दिन पहले एपीएल -1 राशन कार्ड धारकों को प्रति कार्ड अनाज देने की घोषणा की, इस घोषणा के अगले दिन हजारों राशन कार्ड धारक राशन की दुकान पर पहुंचे लेकिन वहां के लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा.

गुजरात सरकार ने दो दिन पहले एपीएल -1 राशन कार्ड धारकों को 10 किलो गेहूं, 3 किलो चावल, 1 किलो दाल, 1 किलो चीनी प्रति कार्ड देने की घोषणा की. लेकिन अनाज वितरित कब से किया इसको लेकर कोई घोषणा नहीं की थी. जिसकी वजह से राशन की दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ गईं. राज्य की 22 हजार राशन दुकानों पर लाखों एपीएल -1 राशन कार्ड धारक फ्री में अनाज लेने पहुंचे, तब दुकानदारों ने जवाब देना शुरू कर दिया कि सरकार ने डिलीवरी की तारीख की घोषणा अभी तक नहीं की है. जिसके बाद लोगों ने आरोप लगाया है कि राशन दुकानदार कालाबाजारी कर रहे हैं. ऐसे में गुजरात सरकार की गलती का खामियाजा दुकानदारों भुगतना पड़ रहा है.

सरकारी सहायता हासिल करने के लिए Apl-2 कार्ड धारक भी मुफ्त राशन पाने के लिए राशन की दुकानों पर पहुंचे श्री राम सरकारी अनाज भंडार के प्रबंधक हर्षद पटेल ने कहा, “लोग हमसे ऐसे शब्द बोल रहे हैं जो मैंने अपने 24 साल के कार्यकाल में नहीं सुना था, लोगों से हमारी अपील है कि जैसे ही सरकार डिलीवरी की तारीख की घोषणा करेगी, हम एपीएल -1 कार्ड धारकों को अनाज देना शुरू कर देंगे. अभी तक हमारे पास स्टॉक नहीं पहुंचा है.

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